बेनाला (ऑस्ट्रेलिया), 22 अक्टूबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): ऑस्ट्रेलिया में सिख धर्म के शुरुआती इतिहास और भारतीय समुदाय के संघर्ष को उजागर करने वाली एक ऐतिहासिक पुस्तक प्रकाशित हुई है। यह पुस्तक शिवा सिंह के जीवन पर आधारित है, जो 1897 से 1955 तक विक्टोरिया राज्य के बेनाला क्षेत्र में रहे और फेरी लगाकर अपना जीवनयापन करते थे।
ऑस्ट्रेलियन इंडियन हिस्ट्री सोसाइटी के संस्थापक शोधकर्ता एवं लेखक लेन केना और क्रिस्टल जॉर्डन ने इस पुस्तक के माध्यम से ऑस्ट्रेलिया में सिख समुदाय के शुरुआती सफर को सामने रखा है।
पुस्तक के अनुसार, 1920 से 1943 का समय ऑस्ट्रेलिया में सिख इतिहास के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। इस दौरान पहली बार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का स्वरूप ऑस्ट्रेलिया लाया गया। पुस्तक में पहले अखंड पाठ साहिब और पहले गुरुद्वारे की स्थापना से जुड़ा इतिहास भी दर्ज है।
शिवा सिंह की वह पुरानी वैगन गाड़ी भी संरक्षित की गई है, जिसका इस्तेमाल वे श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को सुशोभित करके पाठ के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने में करते थे। पुस्तक ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के विकास, नस्लीय भेदभाव और बहुसांस्कृतिक समाज तक के सफर को भी दर्शाती है।






