Wednesday, November 4, 2026
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हम पंजाब को शिक्षा के लिए सबसे बेहतरीन स्थान के रूप में विकसित कर रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

धूरी, 26 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार को कहा कि पंजाब को एक अग्रणी शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों के उन्नयन और युवाओं के लिए करियर के नए रास्ते खोलने में धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने ‘न रिश्वत, न सिफारिश’ के सिद्धांत पर पूरी तरह योग्यता के आधार पर 70,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। धूरी विधानसभा क्षेत्र के गांव बरड़वाल स्थित देश भगत कॉलेज में आयोजित क्षेत्रीय युवा मेले के दौरान युवाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे शिक्षा और कड़ी मेहनत पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पंजाब को ऐसे जनप्रतिनिधियों की जरूरत है, जो लोगों के दर्द और समस्याओं को समझते हों।

इस अवसर की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “आज मुझे धूरी विधानसभा क्षेत्र के गांव बरड़वाल स्थित देश भगत कॉलेज में क्षेत्रीय युवा मेले के दौरान युवाओं से बातचीत करने का अवसर मिला। उनका उत्साह और कलात्मक प्रतिभा देखकर मुझे अपने शुरुआती दिनों की याद आ गई, क्योंकि मेरा सफर भी इसी तरह के मंचों से शुरू हुआ था। युवाओं को मेरी सलाह है कि इन प्रतियोगिताओं में भाग लेना अपने आप में सबसे बड़ी जीत है। जीतने वालों को विनम्र रहना चाहिए, जबकि हारने वालों को और अधिक मेहनत करनी चाहिए। हमारी सरकार ने बिना किसी सिफारिश या रिश्वत के युवाओं को 70,000 से अधिक नौकरियां प्रदान की हैं। बस अपनी शिक्षा और कड़ी मेहनत पर ध्यान केंद्रित करें। पंजाब सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है।”

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और रचनात्मकता पंजाब के सबसे बड़े संसाधनों में से हैं। राज्य का भविष्य इन गुणों को विकसित करने और युवाओं को जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के सार्थक अवसर प्रदान करने पर निर्भर करता है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “शिक्षा केवल कक्षाओं, पाठ्यपुस्तकों और परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। वास्तविक शिक्षा का उद्देश्य ऐसे आत्मविश्वासी व्यक्तियों का निर्माण करना है, जिनमें स्वतंत्र रूप से सोचने की क्षमता, जिम्मेदारी की मजबूत भावना, अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति सम्मान और अपने सपनों को पूरा करने का साहस हो।”

युवा मेलों के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी छिपी प्रतिभाओं को पहचानने, झिझक दूर करने, आत्मविश्वास विकसित करने और अनुशासन, टीम वर्क तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के महत्वपूर्ण सबक सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इन मंचों के माध्यम से विद्यार्थियों को एक-दूसरे से सीखने, अपने दृष्टिकोण को व्यापक बनाने और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार करने का अवसर भी मिलता है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस उत्सव में 39 कॉलेजों के विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी पर खुशी जताई। इस मेले में चार मंचों पर 60 अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की गई हैं। उन्होंने कहा, “विद्यार्थी विभिन्न सांस्कृतिक और साहित्यिक प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपनी कलात्मक क्षमताओं, रचनात्मकता और कौशल का प्रदर्शन कर रहे हैं। यह पंजाब की युवा पीढ़ी की जीवंतता और संभावनाओं को दर्शाता है।” उन्होंने कई दशकों से युवा मेले आयोजित करने में पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला और उसके युवा कल्याण विभाग के योगदान की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा, “इन पहलों ने युवा प्रतिभाओं को निखारने, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने और युवा पीढ़ी तथा पंजाब की समृद्ध विरासत के बीच संबंध मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”

विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में अनूठी क्षमताएं और संभावनाएं होती हैं। परिस्थितियां और अवसर भले ही अलग-अलग हों, लेकिन दृढ़ संकल्प, समर्पण और कड़ी मेहनत युवाओं को बाधाओं को पार करने तथा उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करने में मदद कर सकती है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे इन संभावनाओं को पहचानें, उचित वातावरण प्रदान करें और यह सुनिश्चित करें कि प्रोत्साहन की कमी के कारण कोई भी प्रतिभा अनदेखी न रह जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा, “शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्रीधारक तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण करना है, जो समाज में सार्थक योगदान दे सकें।”

उन्होंने आगे कहा कि संगीत, नृत्य, थिएटर, साहित्य और लोक कलाओं जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों में भावनात्मक समझ, रचनात्मक सोच, आपसी सम्मान और सहयोग की भावना विकसित करने में मदद करती हैं। ये सभी गुण एक प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए आवश्यक हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब की सांस्कृतिक विरासत हमारे लोगों के लिए गर्व और पहचान का स्रोत है। युवा मेले और लोक मेले पीढ़ियों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम करते हैं। ये सुनिश्चित करते हैं कि राज्य की पारंपरिक कला विधाएं, लोक संगीत, नृत्य और देसी खेल फलते-फूलते रहें।”

युवाओं को नए विचारों की खोज करते हुए अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “ऐसे मंच सांस्कृतिक संरक्षण और आधुनिक आकांक्षाओं के बीच सार्थक संतुलन स्थापित करते हैं। क्षेत्रीय, अंतर-जोनल और राष्ट्रीय स्तर के आयोजनों में भाग लेने के अवसर विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और व्यापक मंचों पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए प्रेरित करते हैं। ये अनुभव उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाते हैं, आत्मविश्वास मजबूत करते हैं और उन्हें अपने शैक्षणिक संस्थानों की सीमाओं से आगे बढ़कर उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करते हैं।”

युवा मेले को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सार्थक पहल बताते हुए उन्होंने कहा, “युवाओं में निवेश करने का अर्थ पंजाब के भविष्य में निवेश करना है। युवाओं को अपनी क्षमताओं का रचनात्मक उपयोग करने, अपने चुने हुए क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करने और राज्य की सामाजिक, सांस्कृतिक तथा आर्थिक प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “एक ‘रंगला पंजाब’ का निर्माण तभी संभव है, जब यहां के युवा ज्ञान, आत्मविश्वास, रचनात्मकता और उद्देश्य की मजबूत भावना से सशक्त हों।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “प्रतिभा को प्रोत्साहित करने, सांस्कृतिक विविधता का उत्सव मनाने और सकारात्मक मूल्यों को विकसित करने वाले मंच विद्यार्थियों को सक्षम नेता तथा जिम्मेदार नागरिक बनाने में मदद करते हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने, कड़ी मेहनत करने और अपनी क्षमताओं को कभी कम न आंकने का आह्वान किया।

युवाओं से नए अवसरों को अपनाते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़े रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के युवाओं की आकांक्षाएं और उपलब्धियां राज्य के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।

उन्होंने कहा, “युवा मेला युवा प्रतिभाओं का उत्सव है, पंजाब की सांस्कृतिक समृद्धि को श्रद्धांजलि है और इस बात की याद दिलाता है कि जब युवाओं को सही मंच, प्रोत्साहन और अवसर प्रदान किए जाते हैं, तो वे एक मजबूत, अधिक जीवंत और ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण की प्रेरक शक्ति बनकर उभर सकते हैं।”

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