कैबिनेट मंत्री ने सुनाम विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में प्रकाश पर्व समारोहों में की शिरकत; पंजाब की खुशहाली और सर्वत्र कल्याण के लिए की अरदास
सुनाम, 27 अक्टूबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने भगवान वाल्मीकि जी के पावन प्रकट दिवस के अवसर पर विधानसभा क्षेत्र सुनाम के विभिन्न गांवों और शहरी क्षेत्रों में आयोजित धार्मिक समारोहों में शिरकत कर संगतों को इस पवित्र दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाएं मानवता को सत्य, न्याय, समानता और आपसी भाईचारे के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने लोगों से इन शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और समाज की भलाई के लिए मिल-जुलकर प्रयास करने का आह्वान किया।
कैबिनेट मंत्री ने गांव बिगड़वाल, कुलार खुर्द, खेड़ी, उभावाल, शेरों, लोंगोवाल, कुनरा और चौवास में स्थित धार्मिक स्थलों पर माथा टेककर पंजाब में अमन-शांति, खुशहाली और सर्वत्र कल्याण के लिए अरदास की। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर अखंड पाठ साहिब, रामायण पाठ और श्री सुखमनी साहिब के पाठ के भोग समागमों में भी हिस्सा लिया।
संगतों को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी द्वारा रचित पवित्र रामायण नैतिक मूल्यों, कर्तव्य पालन और नेकी के मार्ग पर चलने का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि ऐसे पवित्र दिवस हमें सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे का सम्मान करने और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने की प्रेरणा देते हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। भगवान वाल्मीकि जी की शिक्षाओं और बाबा साहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर के सामाजिक न्याय के आदर्शों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है।
इस अवसर पर मीडिया द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए सख्ती से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नशे की मांग कम करने, प्रभावित लोगों को उपचार से जोड़ने और उनके पुनर्वास के लिए परिवारों, सामाजिक संस्थाओं तथा समाज के प्रत्येक वर्ग का सहयोग भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से नशे के खिलाफ एकजुट होकर सामूहिक प्रयास करने की अपील की।
इस अवसर पर विभिन्न गांवों की पंचायतों के प्रतिनिधि, धार्मिक प्रबंधन समितियों के पदाधिकारी, पार्टी नेता, स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।






