रियाद, 28 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): सऊदी अरब में मिसाइल हमलों को लेकर सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं। यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने राजधानी रियाद स्थित सऊदी रक्षा मंत्रालय को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाया। दूसरी ओर, सऊदी अधिकारियों के अनुसार, हूतियों की ओर से दागी गई दो मिसाइलों को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया गया।
हूती सेना के प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि मिसाइल ने सफलतापूर्वक अपने लक्ष्य को निशाना बनाया। इस बीच, रियाद में धमाकों की आवाजें सुनाई देने की खबरें भी सामने आई हैं। हालांकि, हमले से हुए संभावित नुकसान और मिसाइलों के वास्तविक परिणामों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
रास तनूरा रिफाइनरी पर हमले का भी दावा
हूतियों ने सऊदी अरब के खाड़ी तट पर स्थित महत्वपूर्ण तेल केंद्र रास तनूरा रिफाइनरी को भी निशाना बनाने का दावा किया है। उनके मुताबिक, बैलिस्टिक मिसाइल हमले के कारण वहां आग लग गई।
रास तनूरा सऊदी अरब के तेल उद्योग का एक महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में यहां किसी भी हमले की खबर क्षेत्रीय सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ा सकती है। हालांकि, रिफाइनरी पर हमले और आग लगने संबंधी दावों की उपलब्ध जानकारी के आधार पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सऊदी अरब और हूतियों के बीच तनाव फिर चर्चा में
इन दावों ने सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच जारी संघर्ष को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि सऊदी अरब ने युद्धविराम और अपने बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने के उद्देश्य से ईरान की मध्यस्थता के जरिए एक अरब डॉलर के वित्तीय पैकेज की पेशकश की थी। हालांकि, इस जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
फिलहाल, रियाद और रास तनूरा से जुड़े मिसाइल हमलों को लेकर दोनों पक्षों के दावों में अंतर है। घटनाओं की वास्तविक स्थिति, संभावित नुकसान और तेल सुविधाओं पर पड़े प्रभाव को लेकर अधिक विश्वसनीय जानकारी का इंतजार है।