लुधियाना, 30 अक्टूबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): गुरु अंगद देव वेटरनरी एवं एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना के वेटरनरी मेडिसिन विभाग की डॉ. शबनम सिद्धू को पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ वेटरनरी एजुकेशन एंड रिसर्च, राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज, जोबनेर, जयपुर द्वारा वेटरनरी मेडिसिन के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए आमंत्रित किया गया। इस कार्यशाला के दौरान उन्होंने हृदय की कार्यप्रणाली को नियंत्रित करने वाले कार्डियोलॉजी के बुनियादी सिद्धांतों एवं व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने प्रतिभागियों को कुत्तों में इकोकार्डियोग्राफी करने तथा इससे प्राप्त निष्कर्षों की व्याख्या करने का प्रशिक्षण भी दिया।

डॉ. सुषमा छाबड़ा, प्रमुख, वेटरनरी मेडिसिन विभाग ने कहा कि कुत्तों की स्वास्थ्य देखभाल में इकोकार्डियोग्राफी का विशेष महत्व है, क्योंकि हृदय संबंधी विभिन्न समस्याओं के निदान में इसका व्यापक उपयोग होता है। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी का वेटरनरी मेडिसिन विभाग इस क्षेत्र में अग्रणी है और यहां विभिन्न पशु प्रजातियों की चिकित्सा के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं एवं विशेषज्ञता उपलब्ध हैं।

डॉ. स्वर्ण सिंह रंधावा, डीन, वेटरनरी साइंस कॉलेज ने कहा कि वेटरनरी यूनिवर्सिटी, लुधियाना ने पशु रोगों के निदान एवं उपचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। यूनिवर्सिटी अपने क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से पशुपालन क्षेत्र के पेशेवरों के कौशल विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि कुशल एवं प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करने के लिए यूनिवर्सिटी ने सहयोगी संस्थानों और पेशेवर संगठनों के साथ मजबूत संबंध स्थापित किए हैं।
उन्होंने डॉ. शबनम सिद्धू को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि वेटरनरी मेडिसिन के क्षेत्र में अनुसंधान एवं शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए पशु चिकित्सा शिक्षा संस्थानों और पशु चिकित्सा पेशेवरों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है।






