दीवाली पर रात 8 से 10 बजे तक ही चला सकेंगे पटाखे; गुरुपर्व, क्रिसमस और नववर्ष के लिए भी जारी हुए समय संबंधी आदेश
मोगा, 31 अक्टूबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): त्योहारों के दौरान बढ़ते वायु एवं ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और आम लोगों के स्वास्थ्य व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन मोगा ने पटाखे चलाने के लिए समय-सीमा निर्धारित कर दी है। पंजाब सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण विभाग की हिदायतों तथा सुप्रीम कोर्ट और पंजाब सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला मजिस्ट्रेट मोगा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
जिला प्रशासन के आदेशों के अनुसार, निर्धारित त्योहारों पर केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति होगी। सामान्य पटाखों तथा निर्धारित समय-सीमा से पहले या बाद में किसी भी प्रकार के पटाखे चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इन निर्देशों का उद्देश्य त्योहारों की खुशियों के साथ पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखना है।
इन त्योहारों के लिए निर्धारित किया गया पटाखे चलाने का समय:
- दीवाली: रात 8 बजे से रात 10 बजे तक।
- गुरुपर्व: सुबह 4 बजे से सुबह 5 बजे तक तथा रात 9 बजे से रात 10 बजे तक।
- क्रिसमस: 25 दिसंबर की रात 11:55 बजे से 26 दिसंबर 2026 की सुबह 12:30 बजे तक।
- नववर्ष: 31 दिसंबर 2026 की रात 11:55 बजे से 1 जनवरी 2027 की सुबह 12:30 बजे तक।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के अतिरिक्त पटाखे चलाना आदेशों का उल्लंघन माना जाएगा। इसी तरह ग्रीन पटाखों के नाम पर प्रतिबंधित या सामान्य पटाखों का इस्तेमाल भी स्वीकार्य नहीं होगा।
ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल पर विशेष जोर
ग्रीन पटाखे अपेक्षाकृत कम प्रदूषण फैलाने के उद्देश्य से विकसित किए गए हैं। हालांकि, इनसे भी प्रदूषण पूरी तरह समाप्त नहीं होता। इसलिए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत एवं निर्धारित मानकों पर खरे उतरने वाले ग्रीन पटाखों का ही इस्तेमाल करें और अनावश्यक आतिशबाजी से बचें।
डिप्टी कमिश्नर ने जिले के निवासियों से अपील की कि वे त्योहारों को आपसी भाईचारे, शांति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय और नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। आदेशों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने लोगों से विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और सांस संबंधी समस्याओं से प्रभावित व्यक्तियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संयम बरतने का आग्रह किया है।






