संगरूर, 2 नवंबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की कमिश्नर श्रीमती कंवलप्रीत कौर बराड़ के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सिविल सर्जन संगरूर डॉ. अमरजीत कौर के नेतृत्व में जिले में मिलावटखोरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
सिविल सर्जन डॉ. अमरजीत कौर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि लोगों को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण दूध एवं खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से जिले में प्रतिदिन सैंपल लिए जा रहे हैं। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि दूध या अन्य खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग द्वारा कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी भी सैंपल में मिलावट या निर्धारित मानकों की अनदेखी पाई जाती है, तो संबंधित दुकानदारों और निर्माताओं के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इसी अभियान के तहत असिस्टेंट फूड कमिश्नर अदिति गुप्ता और फूड सेफ्टी ऑफिसर सीमा रानी की टीम द्वारा विभिन्न स्थानों पर दूध के सैंपल लिए गए। आगामी त्योहारों के सीजन को देखते हुए पनीर और खोया बनाने वाली इकाइयों तथा मिठाइयों की दुकानों की लगातार जांच की जा रही है। इसके अलावा, बाहरी क्षेत्रों से आने वाली मिलावटी वस्तुओं पर नजर रखने के लिए नाकाबंदी भी की जा रही है।
सिविल सर्जन डॉ. अमरजीत कौर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग खाद्य पदार्थों की जांच के साथ-साथ लोगों को स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी नियमों के बारे में भी जागरूक कर रहा है। विभाग की ‘फूड सेफ्टी वैन’ शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर खाद्य पदार्थों की जांच कर रही है और लोगों को घर पर ही मिलावट की पहचान करने के आसान तरीके बता रही है।

उन्होंने बताया कि दूध की शुद्धता जांचने के लिए उसकी एक बूंद चिकनी सतह पर डालकर देखी जा सकती है। यदि दूध धीरे-धीरे बहते हुए सफेद लकीर छोड़ता है, तो इसे शुद्ध दूध का संकेत माना जाता है।
इसी तरह पनीर पर आयोडीन डालने से यदि उसका रंग नीला हो जाता है, तो यह उसमें स्टार्च की मिलावट का संकेत है। हल्दी में कृत्रिम रंग की पहचान हाइड्रोक्लोरिक एसिड के माध्यम से की जाती है। घी, शहद और धनिया पाउडर में मिलावट की जांच के लिए भी लोगों को ऐसे सरल घरेलू उपाय बताए जा रहे हैं, ताकि आम नागरिक खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर जागरूक और सतर्क रह सकें।






