पंचकूला, 6 नवंबर, 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने धनतेरस और दीपावली के अवसर पर प्रदेश के ग्रामीण चौकीदारों को तोहफा देते हुए उनका मासिक मानदेय 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार 221 रुपये करने की घोषणा की। इससे प्रत्येक चौकीदार को हर महीने 4 हजार 221 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे, जिससे उसे सालाना 50 हजार रुपये से अधिक का लाभ होगा। वर्ष 2014 में ग्रामीण चौकीदारों का मानदेय केवल 3,500 रुपये प्रतिमाह था, जो आज बढ़कर चार गुना से भी अधिक हो गया है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी आज पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय ग्रामीण चौकीदार सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा के विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार, विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण मिड्ढा, हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन श्री मोहन लाल बड़ौली, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेंद्र कुमार, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव श्री यशपाल तथा विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक श्री सुशील सारवान भी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को धनतेरस और दीपावली के त्योहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्रामीण चौकीदारों के लिए कई अन्य बड़ी घोषणाएं भी कीं। इनमें वार्षिक वर्दी भत्ता 4 हजार रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये, लाठी, बैटरी, सीटी और छाते का वार्षिक भत्ता 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये तथा साइकिल भत्ता 3 हजार 500 रुपये से बढ़ाकर 5 हजार रुपये करना शामिल है।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण चौकीदारों के हित में एक और महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए घोषणा की कि हरियाणा के इतिहास में पहली बार अब जलकर्मियों और सफाई कर्मचारियों की तर्ज पर ग्रामीण चौकीदारों को भी ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) का लाभ मिलेगा। इससे बीमारी के समय उन्हें और उनके परिवारों को इलाज की सुविधा मिलेगी। दुर्घटना या दिव्यांगता की स्थिति में भी उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही अब प्रत्येक चौकीदार हरियाणा लेबर वेलफेयर फंड के दायरे में भी आएगा। इससे वे अपने बेटे या बेटी की पढ़ाई अथवा शादी या परिवार को आर्थिक सहायता की आवश्यकता पड़ने पर सरकार की योजनाओं के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी लाभ आज से ही लागू होंगे। उन्होंने कहा कि इन फैसलों से राज्य सरकार पर हर साल लगभग 27 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, लेकिन गांवों की सुरक्षा करने वालों पर किया गया यह खर्च वास्तव में प्रदेश के गांवों और प्रत्येक घर की सुरक्षा में किया गया निवेश है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को इन फैसलों की अधिसूचना जल्द से जल्द जारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बढ़ा हुआ मानदेय हर महीने की 7 तारीख से पहले चौकीदारों के बैंक खातों में पहुंचना चाहिए। प्रत्येक चौकीदार का ईएसआई और लेबर वेलफेयर फंड में पंजीकरण जल्द से जल्द किया जाए तथा जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारी व्यक्तिगत रूप से इसकी निगरानी करें। किसी भी चौकीदार को अपने अधिकारों के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीण चौकीदारों से बातचीत करते हुए आह्वान किया कि वे नशे के खिलाफ लड़ाई में गांव के मजबूत सहयोगी बनें। नशा परिवारों को तोड़ता है और युवाओं के सपनों को नुकसान पहुंचाता है। आप अपने गांव की गलियों और लोगों को अच्छी तरह जानते हैं। यदि कोई व्यक्ति नशा बेचता है तो बिना किसी डर के उसकी सूचना दें। हरियाणा का युवा हमारा भविष्य है और इस लड़ाई में उसे सरकार का सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चौकीदार बेटियों और बुजुर्गों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। चाहे स्कूल जाने वाली बेटी हो, खेत में काम करने वाली बहन हो या अकेले रहने वाले बुजुर्ग, जहां भी किसी को मदद की जरूरत हो, वहां संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ आगे आएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार पहचान पत्र पोर्टल पर प्रत्येक रिकॉर्ड सही और समय पर दर्ज करें। आपकी एक सही एंट्री किसी परिवार को समय पर उसका अधिकार दिला सकती है। इसलिए इस कार्य को भी अपनी सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा मानें।
ग्रामीण चौकीदार गांवों की सुरक्षा और विश्वास के सच्चे प्रहरी – मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि चौकीदार हमेशा से ही ग्रामीण जीवन का एक भरोसेमंद हिस्सा रहे हैं। गांव में कोई अप्रिय घटना हो जाए, कोई झगड़ा हो, रात के समय कोई अनजान व्यक्ति दिखाई दे, कोई पशु गुम हो जाए या चोरी हो जाए, हर परिस्थिति में सबसे पहले चौकीदार को ही याद किया जाता है।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा मार्च 2019 में कहे गए एक शब्द ‘मैं भी चौकीदार हूं’ ने देश की राजनीति और सामाजिक सोच को एक नई दिशा दी। प्रधानमंत्री ने चौकीदार शब्द को ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रतीक बना दिया। उनका मानना है कि देश की सेवा करने वाला, देश की संपत्ति की रक्षा करने वाला और समाज के हितों के लिए अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने वाला प्रत्येक व्यक्ति चौकीदार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी चौकीदार समाज की सुरक्षा और विश्वास के सच्चे प्रहरी हैं।
सरकार ने सेवा का सम्मान करते हुए चौकीदारों के हित में लिए कई महत्वपूर्ण फैसले
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि दशकों तक व्यवस्था में चौकीदारों की जरूरतों पर उतना ध्यान नहीं दिया गया, जितना दिया जाना चाहिए था। वर्तमान राज्य सरकार ने उनकी सेवाओं का सम्मान करते हुए चौकीदारों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जब हमारी सरकार बनी थी, उस समय एक चौकीदार को केवल 3,500 रुपये मासिक मानदेय मिलता था, जिसे सितंबर 2018 में बढ़ाकर 7 हजार रुपये प्रतिमाह और फिर फरवरी 2024 में बढ़ाकर 11 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया।
चौकीदारों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें भविष्य निधि (Provident Fund) की सुरक्षा प्रदान की गई, ताकि हर महीने उनके लिए कुछ बचत हो सके। इसके अलावा सेवानिवृत्ति पर 2 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया। इतना ही नहीं, जो चौकीदार शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं, उन्हें 65 वर्ष की आयु तक सेवा करने का अवसर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि चौकीदारों के परिवारों को दयालु योजना में शामिल किया गया है, ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में उनके परिवार को आर्थिक सहायता मिल सके।
कांग्रेस ने चौकीदारों और गरीबों का अपमान किया, देशवासियों से मांगे माफी
मुख्यमंत्री ने विपक्षी कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है। वह देश में झूठ का माहौल तैयार करके लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है, लेकिन कांग्रेस अपने देशविरोधी मंसूबों में कभी सफल नहीं होगी, क्योंकि देश की जनता उसकी सच्चाई जान चुकी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री द्वारा स्वयं को चौकीदार कहे जाने पर उनका अपमान करके देश के सभी चौकीदारों और गरीब लोगों का अपमान किया है। इसलिए विपक्ष को देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल के दौरान देश में हुए कई बड़े घोटालों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ी को भी इन घोटालों के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है, ताकि वे कांग्रेस पार्टी की वास्तविकता से अच्छी तरह परिचित हो सकें।
ग्रामीण चौकीदार सरकार का महत्वपूर्ण हिस्सा, उनकी बुनियादी जरूरतों का रखा जा रहा विशेष ध्यान – विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार
इससे पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार ने ग्रामीण चौकीदारों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करने पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जमीनी स्तर पर सेवाभाव से काम कर रहे ग्रामीण चौकीदारों की बुनियादी जरूरतों से भली-भांति परिचित हैं और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण चौकीदार जमीनी स्तर पर सरकार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो किसी भी घटना की सूचना पुलिस या संबंधित विभाग को देते हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने गरीबों के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। वर्ष 2004 से पहले यदि किसी गरीब व्यक्ति ने ग्राम पंचायत की जमीन पर मकान बनाया है और वह जमीन फिरनी, कृषि भूमि या तालाब की श्रेणी में नहीं आती है, तो मकान मालिक कलेक्टर रेट से डेढ़ गुना राशि जमा करवाकर उस मकान का मालिकाना हक प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार ‘मुख्यमंत्री आवास योजना’ और ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत गरीब परिवारों के लिए मकान बनाकर उन्हें चाबियां सौंपने का काम किया गया है, ताकि कोई भी गरीब व्यक्ति बेघर न रहे। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत आज घरेलू महिलाओं को मात्र 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाया जा रहा है।
इस अवसर पर उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा, पुलिस उपायुक्त सुश्री अदिति सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री विवेक आर्य, पूर्व मेयर श्रीमती मनवीर कौर गिल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।






