पटियाला, 28 जुलाई, 2026 (बलजीत सरना): पटियाला में डिपो होल्डर एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें लंबे समय से सेवाएं दे रहे पुराने डिपो होल्डरों के लाइसेंस रद्द कर नए लोगों को लाइसेंस जारी करने के मुद्दे पर चर्चा की गई। इस दौरान पूर्व पंजाब यूथ कांग्रेस अध्यक्ष मोहित महिंद्रा ने पंजाब सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से ईमानदारी से लोगों की सेवा कर रहे डिपो होल्डरों के लाइसेंस रद्द करना अन्यायपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में पंजाब सरकार डिपो होल्डरों को राशन वितरण पर प्रति क्विंटल केवल 90 रुपये कमीशन दे रही है, जो मौजूदा महंगाई और खर्चों को देखते हुए काफी कम है। उन्होंने बताया कि देश के कई अन्य राज्यों में डिपो होल्डरों को प्रति क्विंटल 150 से 200 रुपये तक कमीशन दिया जाता है और इसके अलावा 10 से 15 हजार रुपये मासिक मानदेय/वेतन भी उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने मांग की कि पंजाब में भी ऐसी व्यवस्था लागू की जाए, ताकि डिपो होल्डरों को सम्मानजनक तरीके से रोजगार चलाने के लिए आर्थिक सहायता मिल सके।
मोहित महिंद्रा ने कहा कि पुराने डिपो होल्डरों ने लंबे समय से सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुचारु रूप से चलाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी जैसे कठिन समय में भी डिपो होल्डरों ने अपनी जान की परवाह किए बिना जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाया। ऐसे लोगों का रोजगार छीनना उनकी सेवा और समर्पण की अनदेखी करने के समान है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार योग्य और अनुभवी डिपो होल्डरों को हटाकर अपने पसंदीदा लोगों को लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यह नीति हजारों परिवारों की आजीविका को प्रभावित कर रही है और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है। मोहित महिंद्रा ने सुझाव दिया कि यदि बढ़ती आबादी को देखते हुए नए डिपो खोलने की जरूरत है तो नए लाइसेंस जारी किए जाएं, लेकिन इसके लिए पुराने डिपो होल्डरों के लाइसेंस रद्द करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी नीति बनानी चाहिए, जिससे नए रोजगार के अवसर भी पैदा हों और पुराने डिपो होल्डरों के अधिकार भी सुरक्षित रहें।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह डिपो होल्डरों के अधिकारों की लड़ाई में हर स्तर पर उनके साथ खड़े रहेंगे और उनकी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए प्रयास करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने पुराने डिपो होल्डरों के साथ हो रहे कथित अन्याय को तुरंत नहीं रोका और उनके अधिकारों की रक्षा नहीं की, तो लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।






