नई दिल्ली, 29 जुलाई 2026 (विशाल गुप्ता): भारत ने पश्चिम एशिया में तेजी से बढ़ रहे तनाव और हरमुज़ जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हालिया हमलों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ती हिंसा न केवल क्षेत्रीय शांति बल्कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए भी गंभीर चुनौती बनती जा रही है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत परवथनेनी हरीश ने सुरक्षा परिषद की खुली बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि संघर्ष में अस्थायी विराम के बाद फिर से हमलों का शुरू होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सभी पक्षों से तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में तत्काल कदम उठाने की अपील की। भारत ने इस महीने हरमुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे कई व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। इन घटनाओं में कई भारतीय नागरिक प्रभावित हुए हैं। कुछ गंभीर रूप से घायल हुए, एक भारतीय की मौत हो गई, जबकि एक अन्य अब भी लापता बताया जा रहा है।
भारत के प्रतिनिधि ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों और नाविकों को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने हरमुज़ जलडमरूमध्य सहित सभी वैश्विक समुद्री मार्गों पर सुरक्षित, स्वतंत्र और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया उसके लिए रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। देश का बड़ा व्यापार, ऊर्जा आयात और निवेश इस क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा खाड़ी देशों में रहने वाले लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्षेत्र में शांति बहाल करने, समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और वैश्विक व्यापार को प्रभावित करने वाले संकट का शीघ्र समाधान निकालने का आग्रह किया।






