30 जुलाई 2026 (प्रभजेत सिंह): उत्तराखंड में लगातार तीसरे दिन हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। खराब मौसम का असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ा है। रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके चलते यात्रा मार्गों पर यातायात बाधित हो गया है। उत्तरकाशी में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-134) पर जानकी चट्टी के पास पहाड़ी से मलबा और चट्टानें गिरने के कारण सड़क बंद हो गई। इसके अलावा पोलीगढ़, दुर्बिल, बड़ियार और हनुमानचट्टी क्षेत्रों में भी सड़कों पर मलबा जमा होने से आवाजाही प्रभावित हुई है।
रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन के बाद प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग से आगे जाने की अनुमति नहीं दी। वहीं, चमोली जिले में बदरीनाथ हाईवे भी कई जगहों पर मलबा आने से प्रभावित हुआ है। गुनियाला खाल के पास पोखरी-रुद्रप्रयाग मोटर मार्ग अभी भी बंद बताया जा रहा है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है। बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि उत्तरकाशी, देहरादून, चमोली, पौड़ी, टिहरी और ऊधम सिंह नगर में येलो अलर्ट जारी है।
खराब मौसम के चलते बागेश्वर और रुद्रप्रयाग जिलों में आज स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने सड़कों से मलबा हटाने के लिए मशीनरी तैनात कर दी है और राहत-बचाव एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों के अनुसार, चारधाम यात्रा को मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही दोबारा शुरू किया जाएगा।






