पटियाला, 31 जुलाई 2026 (प्रभजोत सिंह): पटियाला देहात के गांव जस्सोवाल में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। योजना के तहत मकान निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि जारी न होने का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में गांववासियों ने वरदा महि स्थित बीडीपीओ कार्यालय के बाहर धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्ष 2018 से वे लगातार योजना के लिए आवेदन करते आ रहे हैं और कई बार सर्वे भी किए गए, लेकिन अब तक किसी भी जरूरतमंद परिवार को इसका लाभ नहीं मिला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से वे कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है।
धरने की अगुवाई कर रही श्वेता जिंदल ने बताया कि गांव के करीब 30 से 40 गरीब परिवारों ने 2018-19 में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया था। सरकारी कर्मचारियों द्वारा सर्वे किए जाने के बावजूद वर्षों बाद भी किसी परिवार को आर्थिक सहायता नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में अधिकारियों की ओर से स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही। श्वेता जिंदल ने दावा किया कि अब बीडीपीओ कार्यालय की ओर से कहा जा रहा है कि 2018-19 की पुरानी फाइलें बंद हो चुकी हैं और आगे की कार्रवाई 2025 में हुए नए सर्वे के आधार पर की जाएगी। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उस समय किसी परिवार की सहायता मंजूर हुई थी तो उसका पैसा कहां गया।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि योजना के लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता नहीं बरती गई। उनका दावा है कि गांव के सरपंच के भाई को योजना का लाभ मिल गया, जबकि कई जरूरतमंद परिवार अब भी सहायता का इंतजार कर रहे हैं। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि वे अब तक कई बार आवेदन जमा कर चुके हैं। उनका आरोप है कि अधिकारियों द्वारा केवल घरों की तस्वीरें लेने और दस्तावेज इकट्ठा करने की प्रक्रिया पूरी की जाती है, लेकिन वास्तविक जांच नहीं की जाती।
ग्रामीणों ने मांग की कि वर्ष 2018 से अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े सभी रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं और यह बताया जाए कि सहायता राशि किन-किन लाभार्थियों को जारी की गई। उन्होंने सभी पात्र परिवारों को जल्द योजना का लाभ देने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।






