पटियाला, 10 अगस्त,2026 (अमनदीप सभरवाल): पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर निगम पटियाला के सहयोग से अपने प्रमुख अभियान ‘मिशन क्लीन पटियाला’ के तहत आज भूपिंदरा रोड और पासी रोड पर स्वच्छता अभियान चलाया। इस अभियान में आवर लेडी ऑफ फातिमा कॉन्वेंट स्कूल और सरकारी मल्टीपर्पज सीनियर सेकेंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उनके साथ भूपिंदरा रोड मार्केट एसोसिएशन, मणिपाल अस्पताल और “मेरा पटियाला मैं ही संवारा” नामक समर्पित स्वयंसेवी नागरिक समूह की टीमें भी शामिल हुईं, जो पटियाला को स्वच्छ रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं।

पासी रोड और भूपिंदरा रोड से 2,500 किलोग्राम से अधिक कचरा उठाया गया, जिससे इस अभियान के तहत तीन दिनों में साफ की गई सात प्रमुख सड़कों से उठाए गए कुल कचरे की मात्रा लगभग 3,900 किलोग्राम हो गई है।
अभियान के दौरान यातायात प्रबंधन में सहयोग के लिए नगर निगम और पटियाला ट्रैफिक पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चेयरपर्सन रीना गुप्ता ने कहा “आइए स्वच्छता को एक नई सामाजिक परंपरा बनाएं। हम नागरिकों और नागरिक समाज संगठनों से अपील करते हैं कि वे इस अभियान को एक जन-आंदोलन में बदलने के लिए मिलकर आगे आएं, जो हर पीढ़ी को प्रेरित करे। यदि हर व्यक्ति हर महीने केवल कुछ घंटे योगदान दे, तो हम मिलकर एक स्वच्छ, स्वस्थ और अधिक रहने योग्य पंजाब का निर्माण कर सकते हैं।”
पंजाब को भारत का सबसे स्वच्छ राज्य बनाने के लिए सभी को प्रेरित करते हुए चेयरपर्सन ने स्थानीय निकाय विभाग तथा पंजाब के लोगों से ठोस कचरे का स्रोत स्तर पर पृथक्करण और उसके उचित निपटान को सुनिश्चित करने का आग्रह किया। श्रीमती गुप्ता ने शहर के सभी गैर-सरकारी संगठनों, वरिष्ठ नागरिक संघों, इको क्लबों और अन्य सामाजिक संगठनों से भी मिशन में शामिल होने तथा पटियाला को पंजाब का सबसे स्वच्छ शहर बनाने में सहयोग देने का आह्वान किया।
अप्रैल 2026 में शुरू किए गए ‘मिशन क्लीन पटियाला’ के तहत पीपीसीबी ने पटियाला के प्रमुख संस्थानों, प्रवर्तन एजेंसियों और सामुदायिक समूहों को एक साथ जोड़ा है। अभियान के पहले चरण में लगभग 30 संस्थानों ने भाग लेते हुए स्वच्छता अभियान और पर्यावरण संरक्षण के लिए 30 से अधिक सार्वजनिक स्थलों को अपनाया था। इनमें पटियाला शहर के 18 स्कूल, 10 कॉलेज और चार सरकारी संस्थान शामिल थे।
अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत जुलाई 2026 में हुई, जिसमें सात और संस्थान शामिल हुए हैं। इसके साथ ही अभियान में भाग लेने वाले संस्थानों की कुल संख्या बढ़कर 39 हो गई है।






