बीरभूम, 26 अगस्त 2026 : पश्चिम बंगाल के पुस्तकालय मंत्री गौरीशंकर घोष ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ममता बनर्जी विधानसभा पुस्तकालय से ली गई किताबें वापस नहीं करती हैं, तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा कि एक आम पाठक द्वारा किताब न लौटाने पर जो नियम लागू होते हैं, वही ममता बनर्जी के मामले में भी अपनाए जाएंगे।
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर विधानसभा पुस्तकालय से ‘रवींद्र रचनावली’ ले जाने और उसे वापस न करने का आरोप लगा है, जिसे लेकर राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।
मंगलवार को सूरी (बीरभूम) में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने आए मंत्री गौरीशंकर घोष ने पूर्व सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व पुस्तकालय मंत्री सिद्दीकुल्लाह चौधरी के कार्यकाल में ममता बनर्जी की अप्रसांगिक और अनावश्यक किताबों को जबरन पुस्तकालयों में रखवाया जाता था। पिछली सरकार दबाव बनाकर ये किताबें खरीदवाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
पुस्तकालय मंत्री ने जोर देकर कहा कि अब राज्य के पुस्तकालयों से ऐसी सभी किताबें हटाई जाएंगी और उनकी जगह राष्ट्रवादी विचारकों की पुस्तकें रखी जाएंगी। ‘एपांग ओपांग झपांग’ जैसी रचनाएं अब पुस्तकालयों में नहीं रहेंगी, बल्कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे महापुरुषों और राष्ट्रवाद से जुड़ी किताबों को प्राथमिकता दी जाएगी।






