कुरुक्षेत्र, 27 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुरुक्षेत्र दिनेश कुमार मित्तल के मार्गदर्शन एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण कुरुक्षेत्र की सचिव एवं सीजेएम नीतिका भारद्वाज के निर्देशानुसार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, रामसरन माजरा, बाबैन, कुरुक्षेत्र में पोस्को एक्ट तथा बच्चों एवं दिव्यांगजनों के लिए नालसा योजनाओं के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन हरियाणा पुलिस की सेफ्टी सेल के सहयोग से किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट), 2012, बच्चों के अधिकार, यौन अपराधों से बचाव तथा बाल पीड़ितों को उपलब्ध कानूनी सहायता एवं उपचारात्मक उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

विद्यार्थियों को नालसा (बच्चों के लिए बाल-मित्र विधिक सेवाएं) योजना, 2024 तथा नालसा (दिव्यांग व्यक्तियों को विधिक सेवाएं) योजना, 2024 के बारे में भी जागरूक किया गया। उन्हें बताया गया कि जरूरतमंद बच्चों एवं दिव्यांगजनों को जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता एवं अन्य विधिक सेवाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करना तथा जरूरतमंद व्यक्तियों तक निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी पहुंचाना रहा।
इसी तरह उपमंडल विधिक सेवाएं समिति पिहोवा के सहयोग से राजकीय उच्च विद्यालय, बोर सैदा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कुल 65 लाभार्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों में पीओसीएसओ एक्ट, बाल अधिकार, दिव्यांगजनों के अधिकार तथा नालसा की विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ी।
इसी तरह मोहन नगर एवं लायलपुर कॉलोनी, कुरुक्षेत्र में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर के दौरान श्रमिकों एवं उपस्थित अन्य लोगों को महत्वपूर्ण कानूनी अधिकारों एवं कल्याणकारी प्रावधानों के बारे में जागरूक किया गया। उन्हें बाल तस्करी, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी पंजीकरण तथा विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई।

प्रतिभागियों को बताया गया कि जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। उन्हें किसी भी कानूनी समस्या या सहायता की आवश्यकता होने पर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण अथवा संबंधित विधिक सेवा संस्था से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया। शिविर का उद्देश्य आमजन एवं श्रमिक वर्ग को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तथा उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं के प्रति जागरूक करना रहा।






