हरियाणा/दिल्ली , 28 अगस्त,2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद हरियाणा भवन, नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हरियाणा के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान हरियाणा की नई औद्योगिक नीति, प्रदेश में नए निवेश और विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई तथा प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हाल ही में लॉन्च की गई नई औद्योगिक नीति और इसके साथ जारी की गई नौ सेक्टोरल पॉलिसियों के बारे में प्रधानमंत्री को जानकारी दी गई। नई औद्योगिक नीति के तहत अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। जिस दिन यह नीति लॉन्च की गई, उसी दिन 1.10 लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव आए, जिनमें से करीब 25 हजार करोड़ रुपये जमीन पर आ चुके हैं।
इसके अलावा हाल ही में जापान दौरे के दौरान 4,500 करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए थे, जिनमें से 2,500 करोड़ रुपये की परियोजनाएं जमीन पर आ चुकी हैं। प्रदेश में लॉन्च की गई एमएसएमई नीति के बारे में भी प्रधानमंत्री को जानकारी दी गई। इसी महीने मुंबई में प्रमुख उद्योगपतियों के साथ हुई बैठक के दौरान भी करीब 66 हजार करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इन सभी उपलब्धियों की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नारनौल के नांगल चौधरी में तैयार हो चुके इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक हब के पहले चरण के पूरा होने के बारे में भी प्रधानमंत्री को जानकारी दी गई। इसके साथ ही 27 अगस्त से शुरू हुए विधानसभा सत्र के बारे में भी जानकारी साझा की गई। प्रधानमंत्री ने रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार पर प्रदेश की बहनों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भी प्रदेशवासियों को इस पवित्र त्योहार की बधाई दी।
गुरुग्राम में जलभराव को लेकर सरकार का बड़ा एक्शन प्लान
गुरुग्राम में जलभराव को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से गुरुग्राम के सुधार के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण अचानक बहुत अधिक बारिश हो रही है। इस वर्ष गुरुग्राम में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। प्रदेश में यमुनानगर के बाद सबसे अधिक बारिश गुरुग्राम में हुई है।
उन्होंने बताया कि गुरुग्राम में 6, 7 और 8 अगस्त को करीब 230 मिलीमीटर बारिश हुई, फिर भी जल निकासी की व्यवस्थाएं प्रभावी ढंग से काम करती रहीं। 24 अगस्त को बहुत कम समय में बेहद तेज बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव हुआ, लेकिन बेहतर व्यवस्थाओं के कारण करीब दो घंटे में स्थिति सामान्य हो गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जलभराव की समस्या को लेकर सरकार ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। पहली बार कैमरा आधारित निरीक्षण के माध्यम से नालों की डी-सिल्टिंग सुनिश्चित की गई है। चिन्हित 99 जलभराव वाले स्थानों में से अधिकांश जगहों पर वाटर हार्वेस्टिंग वेल लगाए जा चुके हैं, जिनके माध्यम से करीब 13,000 मीट्रिक टन वर्षा जल का रिचार्ज हुआ है।
हीरो होंडा चौक पर जयपुर-दिल्ली हाईवे पर नए नाले का निर्माण किया गया है। लेग-1, 2 और 3 से अतिक्रमण हटाकर इनकी सफाई की गई है तथा लेग-4 को चालू किया गया है। इससे गुरुग्राम में जलभराव की समस्या के समाधान में मदद मिली है।
अरावली की तलहटी में चेक डैम बनाकर पहाड़ी क्षेत्र से सीधे आने वाले पानी को रोका गया है। ग्रीन बेल्ट सड़क से ऊंची होने के कारण उसे भी नीचे किया गया है, जिससे सड़क पर पानी का जमाव कम हुआ है। इसके अलावा 74 पुराने तालाबों और जल स्रोतों को व्यवस्थित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जापानी कंपनी निप्पॉन कोई से सर्वे करवाया जा रहा है। इसके बाद गुरुग्राम के निचले इलाकों के पानी को नूंह के रास्ते यमुना तक पहुंचाया जाएगा। इसके साथ ही आईआईटी दिल्ली के सहयोग से रेन वाटर हार्वेस्टिंग की नई परियोजना शुरू की गई है, जिसके माध्यम से भूजल को रिचार्ज किया जा रहा है।
इस परियोजना के तहत अगले मानसून सत्र से पहले 100 ऐसे स्ट्रक्चर स्थापित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से मानसून के दौरान 25 से 30 करोड़ लीटर पानी जमीन के नीचे रिचार्ज किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि अगले मानसून सत्र तक स्थिति में और बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
कांग्रेस के पास मुद्दे नहीं हैं
विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों के प्रदर्शन और वॉकआउट को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है और वह झूठ बोलकर जनता तथा सदन को गुमराह करना चाहती है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब सदन में तथ्यों पर चर्चा होती है तो विपक्ष सदन से बाहर चला जाता है और हंगामा खड़ा करता है।
उन्होंने सदन में एक दलित-सिख विधायक द्वारा 1984 के दंगों के विरोध में उठाई गई आवाज को कांग्रेस द्वारा दबाने के प्रयास पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह किसी की आवाज को दबाना उचित नहीं है।






