नई दिल्ली, 3 सितंबर,2026 (राजेश कुमार): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में मेटा ने नया ‘म्यूज़ वॉयस ट्रांसक्राइब’’ स्पीच-टू-टेक्स्ट मॉडल पेश किया है। कंपनी के अनुसार, यह रियल-टाइम में बातचीत को टेक्स्ट में बदल सकता है और 70 से अधिक भाषाओं को सपोर्ट करता है।
भारतीय यूजर्स के लिए इसमें हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ जैसी पांच प्रमुख भाषाओं का सपोर्ट दिया गया है। खास बात यह है कि यह अंग्रेजी और भारतीय भाषाओं के बीच होने वाली कोड-स्विचिंग को भी समझ सकता है।
मेटा का दावा है कि मॉडल एक ही समय में 20 से अधिक लोगों की आवाजों को अलग-अलग पहचानने और लंबी ऑडियो रिकॉर्डिंग को ट्रांसक्राइब करने में सक्षम है। बातचीत के दौरान ही टेक्स्ट स्क्रीन पर दिखाई देता है, जिससे अलग से पोस्ट-प्रोसेसिंग की जरूरत कम हो जाती है।
म्यूज़ वॉयस ट्रांसक्राइब’ को मेटा के मॉडल ए.पी.आई. के जरिए उपलब्ध कराया गया है। इसका इस्तेमाल फिलहाल मैक के लिए मेटा ए.आई. और म्यूज कोड में डिक्टेशन के लिए किया जा रहा है। ए.पी.आई. की कीमत 3 डॉलर प्रति 1,000 ऑडियो मिनट तय की गई है।
बहुभाषी देशों में रियल-टाइम ट्रांसक्रिप्शन की बढ़ती जरूरत को देखते हुए मेटा का यह मॉडल ए.आई. आधारित वॉयस तकनीक में एक अहम कदम माना जा रहा है।






