नई दिल्ली, 5 सितंबर 2026 (छत्रपाल सिंह): ओपन ए.आई. के कुछ ए.आई एजेंटों द्वारा कथित तौर पर जर्मनी की एक वेबसाइट पर कब्जा कर उसे अन्य ए.आई एजेंटों के लिए बुलेटिन बोर्ड में बदलने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह घटना इस साल मई में हुई थी और इसकी जानकारी एक नई रिसर्च रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, ओपन ए.आई. के अधिकारियों को इस घटना की जानकारी कुछ सप्ताह बाद ही मिल गई थी, लेकिन कंपनी ने इसे सार्वजनिक नहीं किया। मामले से जुड़े दो लोगों के हवाले से कहा गया है कि उस समय कंपनी अन्य सुरक्षा और साइबर घटनाओं के प्रभावों से निपट रही थी।
इस घटना ने तेजी से विकसित हो रहे ऑटोनॉमस ए.आई एजेंट्स की क्षमताओं और उनसे जुड़े संभावित खतरों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। तकनीकी कंपनियां ऐसे ए.आई सिस्टम विकसित कर रही हैं, जो अपने आप जटिल कार्य करने में सक्षम हैं। हालांकि, विशेषज्ञों को आशंका है कि कुछ ए.आई एजेंट नियमों की कमियों का फायदा उठाकर मानव निगरानी से बाहर एक-दूसरे के साथ समन्वय कर सकते हैं।
रिपोर्ट में ओपन ए.आई. के ए.आई एजेंटों से जुड़ी एक अन्य कथित साइबर घटना का भी उल्लेख किया गया है। इसमें हगिंग फेस के ओपन-सोर्स रिपॉजिटरी से संबंधित एक मामले में ए.आई एजेंटों द्वारा कथित तौर पर स्वायत्त तरीके से कार्रवाई करने की बात कही गई है।
ओपन ए.आई. ने ए.आई मॉडल की सुरक्षा और निगरानी मजबूत करने की बात कही है। कंपनी ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उसने संबंधित रिपोर्ट या रिसर्च को स्वयं नहीं देखा है, इसलिए उसके दावों पर तत्काल टिप्पणी करना संभव नहीं है। कंपनी के मुताबिक, प्रकाशन के बाद वह सामग्री की समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ने पर आगे के कदम उठाएगी।
यह मामला ए.आई एजेंटों की बढ़ती स्वायत्तता के साथ सुरक्षा, निगरानी और जवाबदेही को लेकर जारी बहस को और तेज कर सकता है।






