चंडीगढ़, 09 सितंबर, 2026 (राजेश कुमार): पंजाब सरकार के कर्मचारियों की कलम छोड़ हड़ताल के बीच सरकार ने एक बार फिर कर्मचारी यूनियनों के साथ बातचीत की पहल की है। मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने कर्मचारी संगठनों के नेताओं को बातचीत के दूसरे दौर के लिए आमंत्रित किया है।
इससे पहले कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों को प्रमुख सचिव, सामान्य प्रशासन के.के. यादव ने बातचीत के लिए बुलाया था। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच हुई बैठक में कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका था।
बैठक के विफल रहने के बाद कर्मचारियों ने अपनी एक दिवसीय हड़ताल को आगे बढ़ाने का फैसला किया। कर्मचारियों ने शुक्रवार तक कलम छोड़ हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि सरकार जब तक 27 अगस्त को जारी उस आदेश को वापस नहीं लेती, जिसमें पिछली हड़ताल के दौरान कर्मचारियों की अनुपस्थिति को ‘अनधिकृत गैर-हाजिरी’ बताया गया था, तब तक बातचीत को लेकर उनकी मुख्य मांग बनी रहेगी।
इसी बीच कर्मचारियों के हड़ताल बढ़ाने के फैसले के बाद सरकार ने ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ नीति के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके बावजूद कर्मचारियों के आंदोलन में कमी नहीं आई है।
चंडीगढ़ के मुख्य सचिवालय और मिनी सचिवालय के अलावा मोहाली और चंडीगढ़ स्थित विभिन्न निदेशालयों तथा अन्य सरकारी कार्यालयों में कर्मचारी आज भी कलम छोड़ हड़ताल पर डटे हुए हैं।
अब मुख्य सचिव द्वारा बातचीत के लिए बुलाए जाने के बाद कर्मचारियों और सरकार के बीच होने वाली अगली बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि वार्ता के जरिए गतिरोध समाप्त करने और सरकारी कामकाज को सामान्य बनाने की कोशिश की जाएगी।






