पटियाला, 10 सितंबर 2026 (प्रभजोत सिंह): विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR-2026), इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) और मतदाता जागरूकता गतिविधियों को लेकर आज जिला निर्वाचन अधिकारी, पटियाला की अध्यक्षता में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों तथा विधानसभा क्षेत्र स्तर के स्वीप नोडल अधिकारियों/ईएलसी समन्वयकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वीप नोडल अधिकारी श्री स्विंदर रेखी और चुनाव तहसीलदार पटियाला श्री विजय कुमार भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने शैक्षणिक संस्थानों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लबों को सक्रिय करने और विद्यार्थियों को चुनाव प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया। ईएलसी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, विशेषकर भविष्य के मतदाताओं को मतदाता पंजीकरण, चुनाव प्रक्रिया, ईवीएम और वीवीपैट, मतदान के महत्व तथा नैतिक रूप से मताधिकार का प्रयोग करने संबंधी जानकारी उपलब्ध करवाना है।
शैक्षणिक संस्थानों को निर्देश दिए गए कि 10 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक ईएलसी के माध्यम से युवाओं में मतदाता जागरूकता के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएं। इनमें मॉक पोल, ईवीएम/वीवीपैट की जानकारी, क्विज, वाद-विवाद, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन लेखन, निबंध प्रतियोगिता और मतदाता जागरूकता सत्र आदि शामिल हैं। इस संबंध में जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से गतिविधियों का कैलेंडर भी जारी किया जा रहा है। सभी ईएलसी क्लबों को निर्धारित कैलेंडर के अनुसार स्वीप एवं मतदाता जागरूकता गतिविधियां करवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने विशेष रूप से बताया कि 2 नवंबर को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा पटियाला में ईएलसी क्लबों के माध्यम से मतदाता जागरूकता को लेकर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके मद्देनजर सभी शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों और नोडल अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपनी-अपनी संस्थाओं के चार होनहार विद्यार्थियों तथा दो को-ऑर्डिनेटर/नोडल अधिकारियों को इस कार्यक्रम के लिए तैयार करें।
इसके अलावा, 1 अक्टूबर 2026 को योग्यता तिथि मानते हुए 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र विद्यार्थियों को नए मतदाता के रूप में पंजीकरण के महत्व के बारे में जानकारी देने और वोट बनवाने के लिए प्रेरित करने को कहा गया।
विधानसभा क्षेत्र स्तर के स्वीप नोडल अधिकारियों और ईएलसी समन्वयकों को निर्देश दिए गए कि सभी संबंधित स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ईएलसी की स्थापना तथा उनकी सक्रिय कार्यप्रणाली सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक संस्थान में ईएलसी के लिए नोडल अधिकारी/कन्वीनर नियुक्त करने और शिक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए।
स्वीप नोडल अधिकारियों को बीएलओ और बूथ जागरूकता समूहों के माध्यम से घर-घर जागरूकता अभियान चलाने तथा नागरिकों को एसआईआर प्रक्रिया, मतदाता पंजीकरण, संशोधन, सत्यापन और अन्य मतदाता सेवाओं के बारे में जानकारी देने के लिए कहा गया।
इस अवसर पर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों (पीडब्ल्यूडी) तथा अन्य कमजोर एवं हाशिए पर रहने वाले वर्गों के लिए विशेष जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही दूरदराज और कम पहुंच वाले क्षेत्रों में भी मतदाता सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा, कम मतदान प्रतिशत वाले मतदान केंद्रों तथा नए पात्र बने 18-19 वर्ष आयु वर्ग के युवा मतदाताओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से खेल, कला, शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र से जुड़ी एक प्रमुख हस्ती को स्वीप आइकन के रूप में चिन्हित करने संबंधी निर्देश भी जारी किए गए। यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि चयनित व्यक्ति किसी भी राजनीतिक दल के पक्ष या विरोध में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार न करता हो।
जिला स्वीप टीम और संबंधित अधिकारियों को सोशल मीडिया तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आधिकारिक मतदाता जागरूकता सामग्री, ई-पोस्टर, वीडियो, विशेष शिविरों और मतदाता सेवाओं से संबंधित जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
जिला निर्वाचन कार्यालय ने सभी शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी विभागों, एनजीओ, युवा क्लबों, स्वयं सहायता समूहों और सामुदायिक संस्थाओं से मतदाता जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की, ताकि लोकतांत्रिक भागीदारी को और मजबूत किया जा सके तथा “हर वोट महत्वपूर्ण है” और “कोई भी पात्र मतदाता पीछे न रहे” के उद्देश्य को साकार किया जा सके।






