10 वर्षों से सेवा निभा रहे कर्मचारियों को बर्खास्त करने की कार्रवाई सरकार के अपने वादों का खुला उल्लंघन — कांग्रेस हर संघर्ष में कर्मचारियों के साथ
पटियाला, 11 सितंबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग) : पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा पी.आर.टी.सी. के लगभग 2500 आउटसोर्स कर्मचारियों के साथ किया जा रहा धक्का बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। ये कर्मचारी पिछले लगभग 10 वर्षों से अपनी जवानी और बहुमूल्य समय पी.आर.टी.सी. की सेवा में लगाकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।
हैरानी की बात है कि एक ओर आम आदमी पार्टी की सरकार लगातार यह दावे करती रही है कि आउटसोर्स कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर लाकर उनके रोजगार को सुरक्षित किया जाएगा, लेकिन दूसरी ओर इन्हीं कर्मचारियों के अधिकारों के खिलाफ सरकार और पी.आर.टी.सी. की ओर से माननीय हाईकोर्ट में पक्ष रखा गया।
इस मामले में पंजाब के एडवोकेट जनरल द्वारा स्वयं हाईकोर्ट में पेश होना यह सवाल खड़ा करता है कि जो सरकार कर्मचारियों को पक्का करने के वादे करती है, वही सरकार उनके रोजगार की रक्षा करने के बजाय उनके खिलाफ क्यों खड़ी है?
भगवंत मान सरकार ने इन 2500 परिवारों की रोजी-रोटी के साथ खिलवाड़ किया है। दस वर्षों तक सरकार की सेवा करने के बाद कर्मचारियों को इस तरह बेसहारा छोड़ देना उनकी मेहनत, अधिकार और सम्मान के साथ अन्याय है।
कांग्रेस पार्टी भगवंत मान सरकार से मांग करती है कि अपने किए वादे को तुरंत पूरा करते हुए इन पी.आर.टी.सी. कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट पर लाकर उनके रोजगार को सुरक्षित किया जाए। सरकार अपनी जिम्मेदारी से भागने के बजाय इन कर्मचारियों और उनके परिवारों को न्याय दे।
कांग्रेस पार्टी पी.आर.टी.सी. के इन कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ी है। कर्मचारियों द्वारा अपने अधिकारों के लिए किए जा रहे हर संघर्ष में कांग्रेस पार्टी उनका साथ देगी।
हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि जब पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनेगी, तब इन कर्मचारियों के बनते अधिकारों की रक्षा करने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी पूरी तरह प्रतिबद्ध होगी।
2500 कर्मचारियों के अधिकारों पर डाका बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वादे नहीं—अधिकार चाहिए।
पी.आर.टी.सी. कर्मचारियों के साथ कांग्रेस मजबूती से खड़ी है।






