पटना, 11 सितंबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य के 14 जिलों के करीब 2,360 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और लगभग 44 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य की आठ प्रमुख नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
बाढ़ के चलते करीब 27,954 लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। नवगछिया के रंगड़ा प्रखंड के मुरली गांव में रात के समय कोसी नदी का दबाव बढ़ने से आसपास के नयां और साधोपुर गांवों पर भी खतरा मंडरा रहा है। जहांगीरपुर बैसी पंचायत में 50 हजार से अधिक लोग बाढ़ की स्थिति से प्रभावित बताए जा रहे हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख सचिव संतोष कुमार मल्ला के अनुसार, पिछले पांच दिनों से बाढ़ के कारण फंसे परिवारों को उनके बैंक खातों के माध्यम से 7,000 रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।
बाढ़ का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में करीब 5,000 स्कूल प्रभावित हुए हैं, जिसके कारण हजारों बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है।
इस बीच मौसम विभाग ने शुक्रवार को राज्य के किसी भी जिले के लिए बारिश की चेतावनी जारी नहीं की है। मौसम विभाग के अनुसार 13 सितंबर तक बिहार में बारिश की संभावना कम है। हालांकि, इस दौरान लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
पिछले 24 घंटों में छपरा, सासाराम और जमुई में बारिश दर्ज की गई, जबकि पटना में आसमान में बादल छाए रहे और वातावरण में नमी बनी रही। बारिश में कमी के बावजूद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलस्तर और नदी के दबाव पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।






