संगरूर, 12 सितंबर, 2026 (चौधरी प्रभजीत सिंह): सामाजिक सुरक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग, पंजाब के निर्देशों के अनुसार जिला संगरूर के विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा एवं देखभाल (ई.सी.सी.ई) दिवस मनाया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रदीप सिंह गिल के दिशा-निर्देशन में आयोजित गतिविधियों के दौरान 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को खेल एवं रचनात्मक तरीकों से सीखने के अवसर प्रदान किए गए।
प्रदीप सिंह गिल ने कहा कि बच्चे के जीवन के शुरुआती वर्ष उसकी सोच, समझ और व्यक्तित्व की नींव रखते हैं। इसलिए आंगनवाड़ी केंद्रों में ऐसा सीखने का वातावरण तैयार किया जा रहा है, जहां बच्चे बिना किसी दबाव के खेलते हुए सीखें, सवाल पूछें, चीजों को पहचानें और अपनी सोच को व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित हों।
ईसीसीई दिवस के अवसर पर बच्चों को विभिन्न रंगों के ढक्कन और अन्य उपलब्ध सामग्री दिखाकर रंगों की पहचान करवाई गई। पीले, नीले और लाल आदि रंगों को आसपास की वस्तुओं से जोड़ते हुए बच्चों से सवाल पूछे गए। बच्चों ने केले, कपड़ों, खिलौनों और अन्य वस्तुओं के रंग पहचानकर उत्साहपूर्वक जवाब दिए। इसके बाद एक ही रंग वाले ढक्कनों को अलग-अलग करके छंटाई करने की गतिविधि भी करवाई गई।
गिल ने बताया कि ऐसी सरल लेकिन रचनात्मक गतिविधियां बच्चों में रंगों की पहचान, वस्तुओं की छंटाई, तार्किक सोच, एकाग्रता और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने में सहायक होती हैं। इससे बच्चों में सीखने की जिज्ञासा और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। इन गतिविधियों में बच्चों और अभिभावकों के साथ पंचायत सदस्यों, स्थानीय युवा क्लबों के सदस्यों, आशा कार्यकर्ताओं/एएनएम तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आयु के अनुरूप, रोचक और बाल-केंद्रित गतिविधियां लगातार आयोजित करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बचपन में सीखने की प्रक्रिया को खुशी और खेल के साथ जोड़ना बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद सार्थक है।






