चंडीगढ़, 12 सितंबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): पंजाब के स्थानीय सरकार विभाग के सचिव ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में सड़कों की सफाई और रखरखाव को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत 630 किलोमीटर आंतरिक सड़कों की गहन सफाई करवाई जाएगी, जबकि 164 किलोमीटर मुख्य सड़कों की सफाई संबंधी टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा गया है।
आंतरिक सड़कों की सफाई पर विशेष ध्यान
विभाग द्वारा जारी निर्देशों का उद्देश्य शहरों की सफाई व्यवस्था को सुचारु बनाना तथा सड़कों पर जमा गंदगी, मिट्टी और कूड़े-कचरे को हटाना है। गहन सफाई के दौरान सड़कों के किनारों और अन्य गंदे हिस्सों की सफाई को प्राथमिकता दी जाएगी।
इस कार्रवाई से शहरी निवासियों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध करवाने के साथ-साथ सड़कों की सफाई के मानकों को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
164 किलोमीटर मुख्य सड़कों के टेंडर में तेजी
स्थानीय सरकार विभाग के सचिव ने 164 किलोमीटर मुख्य सड़कों की सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य मुख्य सड़कों पर सफाई सेवाएं समय पर शुरू करवाना और शहरी सड़कों की सफाई को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
टेंडर प्रक्रिया में तेजी आने से संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि, टेंडर की अंतिम मंजूरी, काम शुरू होने की तारीख और ठेकेदार के चयन संबंधी विस्तृत जानकारी आधिकारिक दस्तावेजों के माध्यम से ही स्पष्ट होगी।
सफाई व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास
पंजाब के शहरी क्षेत्रों में सड़कों की सफाई नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों की प्रमुख जिम्मेदारियों में से एक है। आंतरिक और मुख्य सड़कों की नियमित सफाई से गंदगी कम करने, सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर वातावरण बनाने और शहरों की समग्र सुंदरता सुधारने में मदद मिल सकती है।
विभागीय निर्देशों के बाद अब संबंधित नगर निगमों और स्थानीय संस्थाओं की जिम्मेदारी होगी कि वे सफाई कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करें और सड़कों की सफाई की निगरानी सुनिश्चित करें।
निगरानी और समय पर क्रियान्वयन जरूरी
630 किलोमीटर आंतरिक सड़कों की गहन सफाई और 164 किलोमीटर मुख्य सड़कों के टेंडर में तेजी के निर्देशों को शहरी सफाई व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब इस योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सफाई कार्य कितनी तेजी से शुरू होते हैं, उनकी गुणवत्ता कैसे बनाए रखी जाती है और नगर संस्थाओं द्वारा निगरानी कितनी प्रभावी रहती है।






