नए प्रभारी की एंट्री से सियासी गतिविधियां तेज; 2027 के चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने की कवायद
चंडीगढ़, 12 सितंबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट के 15 सितंबर को पार्टी की ओर से किए जाने वाले धरने में शामिल होने की संभावना है। हालांकि, उनकी भागीदारी की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
पायलट ने हाल ही में भूपेश बघेल की जगह पंजाब कांग्रेस के AICC प्रभारी महासचिव के रूप में जिम्मेदारी संभाली है। उनका मुख्य फोकस पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी खत्म कर संगठन को मजबूत करना, वरिष्ठ नेताओं के बीच तालमेल बढ़ाना और 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना है।
पायलट ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठन में ‘स्टेकहोल्डर’ के रूप में भूमिका निभाने तथा अनुशासन और सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया है। इस बीच पंजाब कांग्रेस में राजा वड़िंग के नेतृत्व और पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को लेकर चर्चा जारी है। वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा द्वारा वड़िंग को हटाने की अपनी पहले की मांग पर नरम रुख को भी संगठन में समझौते की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
2027 में CM चेहरे का ऐलान नहीं करेगी कांग्रेस: पायलट ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव किसी एक मुख्यमंत्री चेहरे के साथ नहीं लड़ेगी। पार्टी सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी और मुख्यमंत्री के बारे में फैसला चुनाव परिणाम के बाद किया जाएगा। उनके अनुसार, राहुल गांधी भी चुनाव अभियान में अहम भूमिका निभाएंगे।
‘आप’ सरकार को घेरने की तैयारी: पंजाब में कांग्रेस की ओर से आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ मुद्दा-आधारित अभियान तेज करने के संकेत हैं। पायलट ने पंजाब के सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सरकार को घेरा है और स्कूलों की जांच के लिए ऑडिट अभियान की मांग की है।
उन्होंने यह भी कहा है कि कांग्रेस पंजाब में मजबूत है और लोग ‘आप’ सरकार की नीतियों का हिसाब लेने के लिए तैयार हैं। वहीं BJP और अकाली दल भी पंजाब में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
यदि पायलट 15 सितंबर के धरने में शामिल होते हैं तो यह पंजाब के नए प्रभारी के रूप में उनकी शुरुआती बड़ी जमीनी राजनीतिक गतिविधियों में से एक होगी। धरने को पार्टी में एकता, केंद्रीय नेतृत्व के संदेश और 2027 की चुनावी तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






