पटियाला, 13 सितंबर, 2026 (जगजीत सिंह): पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की जज एवं जिला अदालतों, पटियाला की इंस्पेक्टिंग जज माननीय जस्टिस अलका सरीन ने आज राष्ट्रीय कानूनी सेवाएं प्राधिकरण (नालसा) के दिशा-निर्देशों के अनुसार पटियाला में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का निरीक्षण किया।
अपने दौरे के दौरान जस्टिस अलका सरीन ने राष्ट्रीय लोक अदालत की विभिन्न बेंचों का निरीक्षण किया तथा अपने मामलों की सुनवाई के लिए पहुंचे पक्षकारों से बातचीत की। उन्होंने दोनों पक्षों को आपसी समझौते के माध्यम से अपने विवादों का सौहार्दपूर्ण ढंग से समाधान करने के लिए प्रेरित किया तथा त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने में लोक अदालतों की महत्ता पर जोर दिया।
इस अवसर पर उनके साथ पटियाला के जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं चेयरमैन, जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण, श्री अवतार सिंह तथा सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-कम-इंचार्ज सचिव, जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण, सुश्री शिल्पी गुप्ता भी उपस्थित थीं।
जस्टिस अलका सरीन ने परिवार न्यायालय का निरीक्षण करते हुए वैवाहिक विवादों के समाधान के लिए पहुंचे दंपतियों से बातचीत की। उन्होंने उन्हें अपने मतभेदों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने के लिए गंभीर प्रयास करने तथा अपने परिवार एवं बच्चों के व्यापक हित में आपसी समझौते पर विचार करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अवतार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक मामलों का आपसी समझौते के माध्यम से निपटारा करना है, जिससे मुकदमेबाजों के बहुमूल्य समय एवं धन की बचत होती है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत द्वारा पारित अवार्ड अंतिम होता है और इसके विरुद्ध कोई अपील नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि कोई कोर्ट फीस अदा की गई हो तो वह पक्षकारों को वापस कर दी जाती है, जबकि विवादों का निपटारा शीघ्रता से तथा आपसी सहमति की शर्तों के अनुसार किया जाता है, जिससे दोनों पक्षों के लिए यह एक ‘विन-विन’ स्थिति होती है।

जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण की इंचार्ज सचिव सुश्री शिल्पी गुप्ता ने बताया कि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की जज माननीय जस्टिस अलका सरीन के दिशा-निर्देशों तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश-कम-चेयरमैन, जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण, श्री अवतार सिंह के मार्गदर्शन में विभिन्न प्रकार के मामलों, गैर-समझौतायोग्य आपराधिक मामलों को छोड़कर, के निपटारे के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
उन्होंने बताया कि जिला पटियाला में कुल 17 न्यायिक बेंच गठित की गई थीं, जिनमें से 11 पटियाला तथा दो-दो बेंच राजपुरा, नाभा और समाना में स्थापित की गई थीं। इसके अलावा, म्यूटेशन (इंतकाल) एवं विभाजन आदि मामलों के निपटारे के लिए राजस्व अदालत, पटियाला में भी एक बेंच गठित की गई थी।
उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत 31,679 मामलों को विचारार्थ लिया गया तथा 26,134 मामलों का आपसी समझौते के माध्यम से निपटारा किया गया, जिसमें कुल 46,04,78,386 रुपये की राशि शामिल थी।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत की एक प्रमुख विशेषता परिवार न्यायालयों में लंबित वैवाहिक एवं पारिवारिक विवादों के 98 मामलों तथा कुल 6,62,99,741 रुपये की राशि से संबंधित चेक बाउंस के 168 मामलों का सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटारा किया जाना भी रहा।
पटियाला पहुंचने पर जस्टिस अलका सरीन का डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज श्री अवतार सिंह, डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल, एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस, डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी देविंदर गोयल, डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन और दूसरे ज्यूडिशियल अधिकारियों ने स्वागत किया।






