फतेहगढ़ साहिब, 13 सितंबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): श्री गुरु ग्रंथ साहिब वर्ल्ड यूनिवर्सिटी, फतेहगढ़ साहिब के शिक्षा विभाग द्वारा बीते दिन ‘एजु टॉक श्रृंखला’ के तहत “किशोर मन और भावनात्मक बुद्धिमत्ता” विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉ. जसवीर कौर चहल, प्रोफेसर, शिक्षा विभाग, ने किशोरावस्था से संबंधित मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक पहलुओं पर विचार साझा करते हुए युवाओं के सर्वांगीण विकास में भावनात्मक बुद्धिमत्ता के महत्व को उजागर किया।
व्याख्यान के दौरान किशोरावस्था में होने वाले भावनात्मक बदलावों और उनसे जुड़ी चुनौतियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इसके साथ ही आत्म-जागरूकता, भावनाओं का नियमन, सहानुभूति, आपसी संबंधों और भावनाओं की जिम्मेदार अभिव्यक्ति जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी विचार किया गया।
डॉ. चहल ने किशोरों की शैक्षणिक आवश्यकताओं के साथ-साथ उनकी भावनात्मक जरूरतों को समझने में शिक्षकों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए सहायक और संवेदनशील शिक्षण वातावरण का निर्माण उनके समग्र विकास और कल्याण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
शैक्षणिक विचार-विमर्श के लिए ऐसे मंच महत्वपूर्ण: डीन अकादमिक मामले
प्रो. (डॉ.) सुखविंदर सिंह बिलिंग, डीन अकादमिक मामले, ने विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए ऐसे शैक्षणिक मंचों के महत्व पर जोर दिया, जो शिक्षा और मनोविज्ञान से संबंधित समकालीन मुद्दों पर सार्थक विचार-विमर्श के अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों और शिक्षकों के निरंतर शैक्षणिक विकास, ज्ञान के विस्तार और नए दृष्टिकोणों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
हर महीने दो विशेष व्याख्यान आयोजित करने की योजना
डॉ. हरप्रीत बिलिंग, प्रमुख, शिक्षा विभाग, के नेतृत्व में शुरू की गई ‘एजु टॉक श्रृंखला’ को विभाग की एक नियमित शैक्षणिक पहल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस श्रृंखला के तहत हर महीने दो विशेष व्याख्यान आयोजित करने की योजना है।
इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को अनुभवी अकादमिक विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श के अवसर प्रदान करना, उनके शैक्षणिक दायरे को व्यापक बनाना और कक्षा शिक्षण को समकालीन शैक्षणिक, मनोवैज्ञानिक एवं सामाजिक मुद्दों से जोड़ना है।
कार्यक्रम के अंत में श्रीमती नवजोत कौर, सहायक प्रोफेसर एवं समन्वयक, द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। उन्होंने मुख्य वक्ता, विश्वविद्यालय प्रशासन और सभी प्रतिभागियों का कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद किया।
यह पहल शिक्षा विभाग द्वारा सर्वांगीण शिक्षा, निरंतर शैक्षणिक विकास और सार्थक ज्ञान-विनिमय को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है।
फोटो कैप्शन: डॉ. हरप्रीत बिलिंग और अन्य शिक्षकों की मौजूदगी में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा डॉ. जसवीर कौर चहल को सम्मानित किया गया।





