पटियाला, 17 सितंबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): भारत के चुनाव आयोग द्वारा पटियाला जिले के लिए नियुक्त रोल ऑब्जर्वर एवं पटियाला के मंडलायुक्त विनय बुबलानी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-2026 के दौरान सभी विधानसभा क्षेत्रों में नए वोट बनाने के लिए प्राप्त फॉर्म नंबर 6, वोट डिलीट करने के लिए फॉर्म नंबर 7 तथा पता बदलने अथवा शिफ्टिंग के लिए फॉर्म नंबर 8 भरने की प्रक्रिया की सुपर चेकिंग की। उन्होंने सभी विधानसभा क्षेत्रों में चल रही प्रक्रिया पर संतोष व्यक्त किया।
श्री बुबलानी ने पटियाला जिले के सभी निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि जिले में कोई भी पात्र नागरिक ऐसा न रहे, जिसका नाम मतदाता सूची में दर्ज न हो और कोई भी अपात्र व्यक्ति अपना वोट न बनवा सके। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के विशेष निर्देश हैं कि अधिक से अधिक युवाओं को नए मतदाताओं के रूप में पंजीकृत किया जाए। कोई भी युवा, जो योग्यता तिथि 01-10-2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहा है, उसका वोट अवश्य बनाया जाए।
सभी विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव आयोग द्वारा रोल ऑब्जर्वर के पोर्टल पर भेजे गए 254 फॉर्मों की सुपर चेकिंग के लिए मंडलायुक्त विनय बुबलानी ने पटियाला ग्रामीण, पटियाला शहरी, नाभा, राजपुरा, सनौर और घनौर विधानसभा क्षेत्रों के फॉर्मों की उच्चस्तरीय जांच की है। वह स्वयं अपने पोर्टल पर प्राप्त फॉर्मों के तहत वोट कटवाने तथा नए वोट बनवाने वाले लोगों से मिलकर उनकी फील्ड वेरिफिकेशन कर रहे हैं। इसके साथ ही संबंधित बूथ लेवल अधिकारियों से मिलकर तथा मतदाताओं को स्वयं फोन करके इन वोटों की सुपर चेकिंग की जा रही है। उनके द्वारा अनेक फॉर्म ई आर ओज को वापस भी भेजे जा रहे हैं, ताकि पात्र मतदाताओं के वोट न काटे जाएं, क्योंकि वोट का अधिकार नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां आवश्यकता हो, वहां नया वोट बनाने अथवा वोट काटे जाने से रोकने के लिए आवश्यक दस्तावेज संबंधित नागरिक से दोबारा मांगे जाएं।
विनय बुबलानी ने बताया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दौरान वह जिले के सभी विधानसभा चुनाव क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं और अब सुपर चेकिंग का विशेष चरण चल रहा है। रोल ऑब्जर्वर ने जोर देकर कहा कि पटियाला जिले का कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में नए वोट दर्ज कराने तथा मतदाता सूची से नाम हटाने, विशेषकर फॉर्म नंबर 7 के माध्यम से हटाए जाने वाले वोटों के प्रतिशत पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक नए वोट वाले 20 पोलिंग स्टेशनों और सबसे अधिक हटाए गए वोट वाले 20 पोलिंग स्टेशनों की दोबारा पुष्टि करने के साथ-साथ जिले के उन विधानसभा क्षेत्रों की भी रोल ऑब्जर्वर द्वारा विशेष रूप से जांच की जा रही है, जहां हटाए गए वोटों और/या नए जोड़े गए वोटों की दर जिले की औसत दर से 1 प्रतिशत या अधिक है अथवा किसी भी विधानसभा क्षेत्र में यह दर 3 प्रतिशत से अधिक है।
विनय बुबलानी ने कहा कि शांतिपूर्ण, स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव करवाने के लिए सही एवं शुद्ध मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है। इसलिए चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूचियों की बारीकी से जांच, सत्यापन और शुद्धीकरण किया जाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से चुनाव आयोग द्वारा रोल ऑब्जर्वरों की नियुक्ति की गई है।






