Tuesday, September 29, 2026
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भारत-नेपाल के बीच व्यापार और परिवहन सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर, कस्टम और सीमा पार ढांचे की भी समीक्षा

नई दिल्ली, 18 सितंबर 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): भारत और नेपाल ने द्विपक्षीय व्यापार, ट्रांजिट और सीमा पार कनेक्टिविटी से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। नई दिल्ली में 16 और 17 सितंबर को आयोजित भारत-नेपाल अंतर-सरकारी उप-समिति (IGSC) की बैठक के दौरान दोनों देशों ने व्यापार को सुगम बनाने और अनधिकृत व्यापार पर रोक लगाने से संबंधित मामलों की समीक्षा की।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग के संयुक्त सचिव उज्ज्वल कुमार घोष ने किया, जबकि नेपाली प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिव बुद्ध बहादुर गुरुंग ने किया। बैठक में दोनों देशों के संबंधित मंत्रालयों और विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। बैठक के दौरान मार्केट एक्सेस (बाजार पहुंच), सीमा शुल्क (कस्टम) प्रक्रियाओं, व्यापार सुविधाओं, उत्पाद मानकों, खाद्य सुरक्षा, पादप-स्वास्थ्य (प्लांट-हेल्थ) नियमों, दवाओं, मेडिकल डिवाइस और आयुष उत्पादों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। कृषि और डेयरी उत्पादों सहित दोनों देशों के उत्पादों के लिए बाजार तक पहुंच आसान बनाने के उपायों पर भी बातचीत हुई।

कस्टम सहयोग को और मजबूत करने के लिए अग्रिम जानकारी के आदान-प्रदान, प्रमाण पत्र (सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन) के इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन और कस्टम प्रणाली के डिजिटलीकरण जैसे कदमों पर विचार किया गया। दोनों पक्षों ने वैध और कानूनी व्यापार को आसान बनाने के साथ-साथ व्यापारिक सुविधाओं के दुरुपयोग को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया। रेल और सड़क कनेक्टिविटी, माल ढुलाई, एकीकृत जांच चौकियों (ICP) और लैंड-पोर्ट ढांचे की भी समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने मौजूदा बुनियादी ढांचे के बेहतर उपयोग और सीमा पार व्यापार में आ रही व्यावहारिक बाधाओं को दूर करने पर विचार किया।

इसके साथ ही मानक निर्धारण, खाद्य सुरक्षा, प्लांट क्वारंटाइन और उत्पादों की अनुकूलता जांच के क्षेत्रों में संस्थागत सहयोग और क्षमता निर्माण जारी रखने पर सहमति बनी। अनधिकृत व्यापार और व्यापारिक धोखाधड़ी से जुड़े मामलों से निपटने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। यह बैठक सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक माहौल में संपन्न हुई और दोनों देशों ने शेष तकनीकी मामलों पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर अगली कार्रवाई के लिए संस्थागत संवाद जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। भारत के वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, भारत और नेपाल के बीच गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध हैं तथा भारत, नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।

यह बातचीत नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले की भारत यात्रा के दौरान हो रहे द्विपक्षीय आर्थिक संवाद की पृष्ठभूमि में हुई। वागले ने नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की, जिस दौरान नेपाल में हाल ही में आई बाढ़ के बाद राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए भारत के सहयोग सहित द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों के बीच हुई इन वार्ताओं में व्यापार, निवेश, सीमा कनेक्टिविटी और आपदा के बाद पुनर्निर्माण को द्विपक्षीय सहयोग के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया गया।

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