होशियारपुर, 19 सितंबर 2026 (शहीद-ए-आजम ब्यूरो) : होशियारपुर की फास्ट-ट्रैक विशेष पॉक्सो अदालत ने 5 वर्षीय बच्चे के साथ यौन हिंसा और उसकी हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश निवासी ननके यादव उर्फ राधे श्याम को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी का माना है।
9 सितंबर 2025 को लापता हुआ था बच्चा: प्राप्त जानकारी के अनुसार बच्चा 9 सितंबर 2025 को होशियारपुर के न्यू दीप नगर इलाके में घर के बाहर खेल रहा था। आरोपी कथित तौर पर उसे खिलौना दोपहिया वाहन चलाने में मदद करने के बहाने अपने साथ ले गया। अगले दिन बच्चे का शव पुरहीरन स्थित श्मशानघाट के पास से बरामद हुआ।
पुलिस ने बच्चे के पिता के बयान पर 10 सितंबर 2025 को मामला दर्ज किया था और एफआईआर दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
पॉक्सो और बीएनएस के तहत दोष सिद्ध: अदालत ने 15 सितंबर 2026 को ननके यादव को दोषी करार दिया था और 18 सितंबर को सजा सुनाई। उसे भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 सहित अन्य धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया।
रिपोर्टों के अनुसार अदालत ने बीएनएस की अन्य धाराओं और पॉक्सो की धारा 10 के तहत भी सजा सुनाई है। इनमें 10 साल, 7 साल, 20 साल और 5 साल की कैद शामिल है, जो एक साथ चलेंगी। संबंधित धाराओं के तहत प्रत्येक मामले में ₹5,000 का जुर्माना भी लगाया गया है।
माता-पिता को ₹5 लाख मुआवजा: अदालत ने मृतक बच्चे के माता-पिता को पंजाब “पीड़ितों या उनके आश्रितों के लिए मुआवजा योजना-2011” के तहत ₹5 लाख मुआवजा देने का आदेश भी दिया है।
मौत की सजा की अभी पुष्टि बाकी: अदालत द्वारा मौत की सजा सुनाए जाने के बावजूद इसे तुरंत लागू नहीं किया जा सकता। मौत की सजा की पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से पुष्टि होना जरूरी है। दोषी को फैसले और सजा के खिलाफ अपील करने का कानूनी अधिकार भी है।
यह फैसला पॉक्सो मामलों में तेजी से सुनवाई के महत्व को भी उजागर करता है। रिपोर्टों के अनुसार फैसला पॉक्सो एक्ट की धारा 35 में निर्धारित एक वर्ष के भीतर ट्रायल पूरा करने के प्रयास वाली समय-सीमा के बिल्कुल करीब सुनाया गया।






