चंडीगढ़, 19 सितंबर 2026 (छत्तरपाल सिंह): 16.5 किलो चरस तस्करी मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिलाने में सफलता हासिल की है। विशेष एनडीपीएस अदालत, चंडीगढ़ ने 15 सितंबर 2026 को दिए फैसले में तीनों को दोषी ठहराया।
मामला 18 दिसंबर 2018 का है। एनसीबी को मिली सूचना के आधार पर खुड्डा लाहौरा पुल के पास एक हुंडई वरना कार को रोका गया था। तलाशी के दौरान 16.5 किलो चरस बरामद हुई। मौके से कुल्लू निवासी जोगिंदर सिंह और मंडी निवासी अनिल कुमार को गिरफ्तार किया गया।
जांच के दौरान एनसीबी ने कुल्लू निवासी राज कुमार उर्फ राजू को भी मामले से जोड़ा। एजेंसी के अनुसार, उसे 20 दिसंबर 2018 को गिरफ्तार किया गया और भुंतर स्थित उसके घर से 80 ग्राम अतिरिक्त चरस बरामद हुई। एनसीबी का कहना था कि यह नेटवर्क चरस को मुंबई, गोवा, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे शहरों तक पहुंचाने से जुड़ा था।
अदालत ने जोगिंदर सिंह और अनिल कुमार को 12-12 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं, राज कुमार उर्फ राजू को 1 साल की कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
अदालती कार्यवाही के दौरान बरामद नशीले पदार्थ की सील, उसकी कस्टडी की श्रृंखला और रासायनिक जांच से संबंधित साक्ष्य भी पेश किए गए। जांच के दौरान नमूने सीआरसीएल, नई दिल्ली भेजे गए थे, जहां वे चरस के रूप में पॉजिटिव पाए गए।
एनसीबी ने इस फैसले को अंतरराज्यीय नशा तस्करी के मामलों की जांच और कानूनी कार्रवाई में महत्वपूर्ण परिणाम बताया है। एजेंसी ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई केंद्र सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों से भी जुड़ी हुई है।






