चंडीगढ़, 25 सितंबर,2026 (गुरमीत सिंह तुंग) : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पंजाब में अभी तक मजबूत जमीनी आधार नहीं बनाया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह बात द ट्रिब्यून को दिए एक इंटरव्यू में कही।
कैप्टन ने कहा कि भाजपा में शामिल होने के बाद करीब चार वर्षों में उन्हें कोई खास राजनीतिक लाभ नहीं मिला। उनके अनुसार, यदि भाजपा पंजाब में सत्ता हासिल करना चाहती है तो उसे अपने पुराने सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन पर विचार करना चाहिए।
भाजपा छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनके पास फिलहाल कोई अन्य राजनीतिक विकल्प नहीं है। वह अकाली दल में नहीं जा सकते और उन्हें नहीं लगता कि कांग्रेस उन्हें दोबारा स्वीकार करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह अब सक्रिय रूप से चुनाव लड़ने की योजना नहीं बना रहे हैं। द ट्रिब्यून के इंटरव्यू में उन्होंने पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान का भी उल्लेख किया।
2026 के स्थानीय चुनावों का संदर्भ
मई 2026 में हुए पंजाब स्थानीय निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी ने 1,977 में से 958 वार्ड जीते। कांग्रेस ने 397, शिरोमणि अकाली दल ने 192 और भाजपा ने 172 वार्डों में जीत दर्ज की। निर्दलीय उम्मीदवारों ने 251 वार्ड जीते। आप ने आठ में से पांच नगर निगमों में जीत हासिल की।
ये नतीजे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब की राजनीतिक स्थिति का एक महत्वपूर्ण संकेत हैं, लेकिन स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों को सीधे विधानसभा चुनाव के नतीजों का अनुमान नहीं माना जा सकता। स्थानीय चुनावों में मुद्दे, उम्मीदवार और मतदान का पैटर्न विधानसभा चुनावों से अलग हो सकते हैं।
कैप्टन अमरिंदर सिंह की टिप्पणी ने 2027 से पहले कांग्रेस, आप, भाजपा और अकाली दल के संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा को फिर तेज कर दिया है।






