वॉशिंगटन, 25 सितंबर 2026 (शहीद-ए-आजम ब्यूरो): अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने विदेशी लोगों द्वारा अमेरिका में बच्चे को जन्म देने के लिए यात्रा करने की प्रथा, जिसे ‘बर्थ टूरिज्म’ कहा जाता है, के खिलाफ कार्रवाई और सख्त कर दी है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 23 सितंबर को नई वीजा नीति की घोषणा करते हुए कहा कि इसका निशाना केवल यात्रियों पर नहीं, बल्कि इस कारोबार को संचालित करने और इसमें सहायता करने वाले लोगों पर भी होगा।
नई नीति के तहत बर्थ टूरिज्म सेंटर चलाने वाले संचालक, दलाल, वीजा आवेदनों में गलत जानकारी देने के लिए लोगों को तैयार करने वाले बिचौलिए, विदेशी डॉक्टर या अन्य चिकित्सा सेवा प्रदाता तथा इस प्रक्रिया में जानबूझकर सहयोग करने वाले व्यक्ति भी वीजा प्रतिबंधों के दायरे में आ सकते हैं। यह कार्रवाई अमेरिकी इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट की धारा 212(a)(3)(C) के तहत की जा रही है।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के मुख्य उद्देश्य से अमेरिका जाना पहले से ही पर्यटक वीजा के लिए अनुमोदित उद्देश्य नहीं है। अगस्त में विदेश विभाग ने बर्थ टूरिज्म को समाप्त करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का भी गठन किया था।
हालांकि, नई नीति को अमेरिका में भारतीय माता-पिता के बच्चों की नागरिकता स्वतः रद्द करने वाली कार्रवाई के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। फिलहाल मुख्य ध्यान बर्थ टूरिज्म से जुड़े व्यावसायिक नेटवर्क और इसे सुविधाजनक बनाने वाले लोगों पर है।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि इस अभियान का उद्देश्य वीजा प्रणाली के दुरुपयोग और धोखाधड़ी को रोकना है।






