टेकनालोजी, 29 सितंबर, 2026 (हर्षलीन सिंह): रातभर फोन को चार्जर से जोड़कर रखना आम बात है, लेकिन इससे बैटरी खराब होने की चिंता भी रहती है। आधुनिक स्मार्टफोन में अब ऐसे चार्जिंग फीचर दिए जा रहे हैं, जो बैटरी को लंबे समय तक 100 प्रतिशत पर रखने से बचाते हैं।
लिथियम-आयन बैटरी की उम्र समय के साथ कम होना सामान्य है। हालांकि, हर बार फोन को 0 से 100 प्रतिशत तक चार्ज करना ही एक पूरा चार्ज साइकिल नहीं माना जाता। बैटरी की सेहत बनाए रखने के लिए लंबे समय तक बहुत अधिक चार्ज स्तर पर रहने का समय कम करना उपयोगी माना जाता है।
आईफोन में स्मार्ट चार्जिंग
एपल का ऑप्टिमाइज़्ड बैटरी चार्जिंग फीचर लंबे चार्जिंग सेशन के दौरान करीब 80 प्रतिशत पर चार्जिंग रोक सकता है और फोन हटाने के अनुमानित समय से पहले 100 प्रतिशत तक चार्ज करता है। iPhone 15 और नए मॉडल में 80 से 100 प्रतिशत के बीच चार्ज लिमिट भी चुनी जा सकती है।
सैमसंग में बैटरी सुरक्षा फीचर
सैमसंग ग्लैकसी फोन में बैटरी प्रोटेक्सन के जरिए चार्जिंग लिमिट और चार्जिंग पैटर्न को नियंत्रित किया जा सकता है। कुछ मॉडल में 80, 85, 90 या 95 प्रतिशत जैसी सीमाएं उपलब्ध हैं, जबकि Adaptive/Sleep विकल्प उपयोग की आदत के अनुसार चार्जिंग को समायोजित करते हैं।
गूगल पिक्सल में एडेपटिव चार्जिंग
पिकसल फोन का एडेपटिव चार्जिंग लंबे समय तक फोन को 100 प्रतिशत पर रखने से बचाता है और आमतौर पर यूजर के फोन हटाने के समय के करीब चार्ज पूरा करता है। कुछ Pixel मॉडल में 80 प्रतिशत चार्ज लिमिट का विकल्प भी मिलता है।
क्या 80 प्रतिशत तक ही चार्ज करना जरूरी है?
नहीं। अगर 80 प्रतिशत चार्ज आपकी रोजमर्रा की जरूरत के लिए पर्याप्त है तो यह बैटरी की लंबी उम्र के लिए उपयोगी विकल्प हो सकता है। लेकिन यात्रा या लंबे दिन के दौरान ज्यादा बैटरी की जरूरत हो तो 100 प्रतिशत चार्ज करना व्यावहारिक है।






