हरियाणा , 6 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): हरियाणा सरकार ने प्रदेश के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए खरीफ सीजन 2026-27 के दौरान धान की खरीद निर्धारित समय से पहले शुरू कर दी है। प्रदेश में धान की खरीद 1 अक्टूबर के बजाय 29 सितंबर से शुरू की गई है। धान की खरीद का कार्य 29 सितंबर से 15 नवंबर तक चलेगा।
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि भारत सरकार द्वारा इस वर्ष धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सामान्य धान (कॉमन) के लिए ₹2,441 प्रति क्विंटल और धान (ग्रेड-ए) के लिए ₹2,461 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। प्रदेश में धान की खरीद 249 मंडियों/खरीद केंद्रों के माध्यम से की जा रही है।
उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा और खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी मंडियों और खरीद केंद्रों को जियो-फेंसिंग सुविधा से लैस किया गया है। प्रदेश में धान की खरीद खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग, हैफेड और हरियाणा राज्य वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा की जा रही है।
हरियाणा में 58 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य
भारत सरकार ने इस वर्ष हरियाणा के लिए 58 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अलावा 32.5 लाख मीट्रिक टन धान की 10 प्रतिशत ब्रोकन (टूटे हुए चावल) के साथ सीएमआर की डिलीवरी भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
5 अक्टूबर तक 7.35 लाख मीट्रिक टन धान की आवक
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 5 अक्टूबर तक प्रदेश की मंडियों में लगभग 7.35 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। खरीद एजेंसियों द्वारा अब तक 2.57 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। खरीदे गए धान की लिफ्टिंग की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अब तक 27,497 मीट्रिक टन धान की लिफ्टिंग पूरी हो चुकी है।
1,293 राइस मिलर्स ने करवाया पंजीकरण
पिछले वर्ष प्रदेश में 1,458 राइस मिलर्स द्वारा सीएमआर का कार्य किया गया था। इस वर्ष 4 अक्टूबर तक 1,293 राइस मिलर्स ने सीएमआर कार्य के लिए पंजीकरण करवाया है।
मंडियों में किसानों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध
किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा मंडियों और खरीद केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं के उचित प्रबंध किए गए हैं। इनमें पीने का पानी, शौचालय, जल निकासी, हेल्प डेस्क सहित अन्य जरूरी सुविधाएं शामिल हैं।
नमी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन को निर्देश
धान में नमी की समस्या को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा धान की कटाई (हार्वेस्टिंग) के संबंध में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए जा चुके हैं।
हरियाणा सरकार प्रदेश के किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े।
सरकार द्वारा अन्नदाता के एक-एक दाने की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। खरीद प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जा रही है और किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।





