Sunday, October 11, 2026
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पराली जलाने की बजाय इन-सीटू और एक्स-सीटू तकनीकों के माध्यम से पराली का उचित प्रबंधन करें किसान: डिप्टी कमिश्नर पूनमदीप कौर

संगरूर, 7 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): डिप्टी कमिश्नर संगरूर श्रीमती पूनमदीप कौर ने जिले के किसानों से अपील की है कि धान की कटाई के बाद पराली और अन्य फसल अवशेषों को जलाने की बजाय इन-सीटू और एक्स-सीटू तकनीकों के माध्यम से इसका उचित प्रबंधन किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ रखने, लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए किसानों का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।

श्रीमती पूनमदीप कौर ने कहा कि पराली जलाने की बजाय उपलब्ध कृषि मशीनरी की मदद से इसे खेत में ही प्रबंधित किया जा सकता है या अन्य उपयोगों के लिए खेत से बाहर ले जाया जा सकता है।

डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि इन-सीटू विधि के तहत पराली का प्रबंधन खेत के अंदर ही किया जाता है। इसके लिए उपयुक्त मशीनरी का इस्तेमाल करके पराली को मिट्टी में मिलाया जा सकता है या खेत में पराली की मौजूदगी के दौरान ही अगली फसल की बुवाई की जा सकती है।

इसी प्रकार एक्स-सीटू विधि के तहत पराली को एकत्र करके अन्य उपयोगों के लिए खेत से बाहर ले जाया जाता है। उन्होंने कहा कि किसान अपने खेतों की जरूरतों और मशीनरी की उपलब्धता के अनुसार उचित विधि अपनाएं।

उन्होंने आगे बताया कि जिले में धान की कटाई करने वाली कंबाइन मशीनों के लिए सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (एसएमएस) का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है। यह प्रणाली कटाई के दौरान पराली को छोटे टुकड़ों में काटकर खेत में फैलाने में मदद करती है, जिससे इसके आगे के प्रबंधन में सुविधा होती है। उन्होंने कंबाइन मालिकों को निर्देश दिए कि कटाई के दौरान इस प्रणाली का इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए।

श्रीमती पूनमदीप कौर ने बताया कि जिला संगरूर में शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक कंबाइन मशीनों से धान की कटाई करने पर भी प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि रात के समय ओस पड़ने के कारण फसल में नमी बढ़ जाती है, जिससे किसानों को मंडी में फसल बेचते समय परेशानी हो सकती है। उन्होंने किसानों और कंबाइन मालिकों से निर्धारित समय संबंधी आदेशों का पालन करने तथा पूरी तरह पक चुके धान की ही कटाई करने की अपील की।

डिप्टी कमिश्नर ने किसानों से मंडियों में निर्धारित मानकों के अनुसार सूखा और साफ धान लाने की अपील भी की।

श्रीमती पूनमदीप कौर ने कहा कि पराली का उचित प्रबंधन सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने किसानों, कंबाइन मालिकों और संबंधित पक्षों से अपील की कि पराली को आग न लगाएं, उपलब्ध मशीनरी का उचित इस्तेमाल करें और जिले को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रशासन को पूरा सहयोग दें।

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