लुधियाना, 07 अक्टूबर 2026 (छत्रपाल सिंह): गुरु अंगद देव वेटरनरी एवं एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना में देश के विभिन्न राज्यों की दुग्ध उत्पादक संस्थाओं से जुड़े पशु चिकित्सा प्रसार कर्मियों के लिए “व्यावहारिक डेयरी फार्मिंग” विषय पर दो सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। इस प्रशिक्षण में नौ विभिन्न राज्यों के कुल 20 पशु चिकित्सा प्रसार कर्मी भाग ले रहे हैं। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा विभाग तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड डेयरी सर्विसेज द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य पंजाब की सफल तकनीकों एवं प्रबंधन पद्धतियों को अन्य राज्यों में लागू करके पूरे भारत में व्यावसायिक तथा टिकाऊ डेयरी फार्मिंग को बढ़ावा देना है।
डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल, वाइस चांसलर ने दोनों संस्थानों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वेटरनरी विश्वविद्यालय देश की अग्रणी पशु चिकित्सा विश्वविद्यालयों में से एक है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा प्रसार सेवाएं प्रदान करने वाली एक प्रतिष्ठित संस्था है।

डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल, निदेशक प्रसार शिक्षा ने इस बात पर जोर दिया कि दूध उत्पादन और उन्नत तकनीकों को अपनाने के मामले में पंजाब के किसान अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श हैं। उन्होंने कहा कि अब इस सफल मॉडल को पूरे देश में लागू करने की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के पीआईबी प्रमुख डॉ. वीनू सोढ़ी ने विश्वविद्यालय द्वारा दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद व्यक्त किया और प्रतिभागियों को आपसी संवाद, प्रश्नोत्तर तथा अनुभव साझा करते हुए गहन रूप से सीखने के लिए प्रेरित किया।
बाणी मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नवदीप धाम ने डेयरी फार्मिंग क्षेत्र में पंजाब और अन्य राज्यों की जमीनी परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इन प्रसार कर्मियों को अधिक व्यावहारिक ज्ञान से सुसज्जित करना अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. सी. बी. सिंह भी उपस्थित थे।
डॉ. जसविंदर सिंह, प्रमुख, वेटरनरी प्रसार शिक्षा विभाग एवं पाठ्यक्रम निदेशक ने बताया कि यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से डेयरी फार्मिंग के व्यावहारिक पहलुओं पर केंद्रित रहेगा, ताकि ये कर्मी डेयरी समुदाय के लिए “परिवर्तन के वाहक” तथा प्रभावी मार्गदर्शक के रूप में कार्य कर सकें।
डॉ. अक्षिता चड्ढा और डॉ. रवदीप सिंह इस दो सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वयन करेंगे। डॉ. राजेश कसरीज़ा ने प्रशिक्षण कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग देने वाले सभी व्यक्तियों का धन्यवाद किया।





