Sunday, October 11, 2026
HomeHaryanaफसल अवशेष प्रबंधन को लेकर किसानों को किया जागरूक

फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर किसानों को किया जागरूक


कृषि विषय विशेषज्ञ डा. रामेश्वर दास ने ग्राम सचिवालय दमकोरा में किसानों को पराली न जलाने के लिए किया प्रेरित
टोहाना,  8 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा):
 फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा ग्राम सचिवालय गांव दमकोरा में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विषय विशेषज्ञ डा. रामेश्वर दास ने की। इस दौरान किसानों को धान की पराली जलाने से होने वाले दुष्परिणामों, पर्यावरण एवं मिट्टी पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों तथा पराली के वैज्ञानिक प्रबंधन के विभिन्न उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।

कृषि विषय विशेषज्ञ डा. रामेश्वर दास ने किसानों को जागरूक करते हुए बताया धान की पराली जलाने से वातावरण में जहरीली गैसें और धुआं फैलता है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ता है और आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से केवल पर्यावरण ही प्रभावित नहीं होता, बल्कि खेत की मिट्टी की उर्वरक क्षमता भी कम होती है। आग लगाने से मिट्टी में मौजूद लाभकारी कीट, सूक्ष्मजीव एवं अन्य जैविक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जिसका सीधा असर आगामी फसलों की उत्पादकता पर पड़ता है।

उन्होंने किसानों को पराली के वैज्ञानिक प्रबंधन के विभिन्न उपायों की जानकारी देते हुए कहा कि फसल अवशेषों को खेत में ही उचित तरीके से प्रबंधित कर मिट्टी की सेहत में सुधार किया जा सकता है। पराली को खेत में मिलाने से जैविक पदार्थ की मात्रा बढ़ती है तथा भूमि की उर्वरता में सुधार होता है। इससे किसानों को रासायनिक उर्वरकों पर होने वाले खर्च में भी कमी लाने में मदद मिल सकती है।

डा. रामेश्वर दास ने बताया कि सरकार द्वारा किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों पर सब्सिडी उपलब्ध करवाई जा रही है। इनमें सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, स्ट्रॉ रीपर, स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, रोटावेटर तथा बेलर-कम-रीपर-बाइंडर जैसे कृषि यंत्र शामिल हैं। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे इन आधुनिक कृषि यंत्रों का अधिक से अधिक उपयोग करें और पराली को जलाने की बजाय उसका उचित प्रबंधन करें।

उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा फसल अवशेषों के इन-सीटू एवं एक्स-सीटू प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए पात्र किसानों को 1200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जा रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ उठाते हुए फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें और पराली जलाने से होने वाले पर्यावरणीय एवं कृषि संबंधी नुकसान से बचें। इस दौरान सहायक तकनीकी प्रबंधक रीतू भाटिया, पटवारी विनोद कुमार, नंबरदार संता लाल, नंबरदार सुखविंदर, किसान भीम सिंह, सुरेंद्र सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments