लुधियाना 19 अक्टूबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना में भारत के नौ राज्यों के 20 पशु चिकित्सा प्रसार कार्यकर्ताओं के लिए डेयरी फार्मिंग पर आयोजित दो सप्ताह का राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के प्रसार शिक्षा विभाग तथा ‘नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड डेयरी सर्विसेज’द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल, वाइस चांसलर ने कहा कि प्रसार कार्यकर्ताओं को पशुपालन के सभी पहलुओं की व्यापक जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य की रक्षा करने और फार्म की उत्पादकता में सुधार लाने के लिए किसानों को जैव-सुरक्षा (बायो-सिक्योरिटी) संबंधी उपायों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने भविष्य में आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों के लिए इस संस्थान को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन भी दिया।
डॉ. संजीव कुमार उप्पल, डीन, पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज ने प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को अपने-अपने राज्यों में लागू करें।
डेयरी सर्विसेज के पीआईबी प्रमुख डॉ. वीनू सोढ़ी ने पूरे भारत में छोटे डेयरी किसानों को सहायता प्रदान करके उनके कार्यों को व्यावसायिक स्तर तक ले जाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. सी. बी. सिंह ने कार्यक्रम के सुव्यवस्थित आयोजन की सराहना की तथा प्रतिभागियों के उत्साह और आत्मविश्वास की प्रशंसा की।

बाणी मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन’के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. नवदीप कुमार धाम ने डेयरी फार्मिंग से संबंधित अपने क्षेत्रीय अनुभव और विचार साझा किए। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित किया कि वे प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान को व्यवहार में लाएं और अपने-अपने राज्यों में डेयरी किसानों को आवश्यक सहायता प्रदान करें।
प्रसार शिक्षा विभाग के प्रमुख डॉ. जसविंदर सिंह ने कहा कि कार्यक्रम की वास्तविक सफलता प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त सीख को जमीनी स्तर पर लागू करने में निहित है। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी और गहरी रुचि की सराहना की। भविष्य में संदर्भ एवं निरंतर सीखने के उद्देश्य से विभिन्न विशेषज्ञों के व्याख्यानों पर आधारित एक प्रशिक्षण संकलन भी वितरित किया गया।
कार्यक्रम का सुव्यवस्थित आयोजन डॉ. अक्षिता चड्ढा और डॉ. रवदीप सिंह द्वारा किया गया।






