राहुल रॉय के लेखन और निर्देशन में बनी फिल्म ट्रांस पहचान, पितृत्व और सामाजिक मान्यताओं पर उठाती है सवाल
लंदन, 19 अक्टूबर 2026 (हर्षप्रीत कौर): भारतीय फिल्म निर्माता राहुल रॉय की लघु फिल्म ‘अमन’ ने 70वें BFI लंदन फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म का पुरस्कार अपने नाम किया है। फिल्म का विश्व प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ था। इस उपलब्धि के साथ फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है।
राहुल रॉय द्वारा लिखित और निर्देशित यह फिल्म एक ट्रांस पुरुष की कहानी पर आधारित है, जिसे लिंग-पुष्टि सर्जरी से ठीक एक दिन पहले अपनी गर्भावस्था के बारे में पता चलता है। इस अप्रत्याशित स्थिति के बाद वह अपनी लैंगिक पहचान, मर्दानगी, पिता बनने की अवधारणा और अपने शरीर के साथ अपने संबंधों को नए सिरे से समझने की कोशिश करता है।
कबीर मान और सीरत तनेजा अभिनीत यह फिल्म लैंगिक पहचान और माता-पिता बनने से जुड़ी पारंपरिक धारणाओं को चुनौती देती है। इसकी कहानी व्यक्तिगत पहचान, भावनात्मक संघर्ष और समाज में प्रचलित सोच जैसे संवेदनशील विषयों को सामने लाती है।
जूरी ने सिनेमैटोग्राफी और कहानी कहने के अंदाज को सराहा
फिल्म फेस्टिवल की जूरी में शामिल हेलेन सिमंस, लियो रीच और जैक केसी ने फिल्म की बारीकियों, प्रभावशाली सिनेमैटोग्राफी और कहानी प्रस्तुत करने के तरीके की प्रशंसा की। जूरी की सराहना के साथ मिला यह सम्मान फिल्म की रचनात्मक और विषयगत विशेषताओं को रेखांकित करता है।
राहुल रॉय ने पुरस्कार मिलने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसे समय में, जब दुनिया के कई हिस्सों में ट्रांस समुदाय के लोगों को हाशिये पर धकेला जा रहा है, यह सम्मान विशेष महत्व रखता है।
फिल्म के निर्माता नीरज चूरी ने ‘अमन’ को एक साहसिक फिल्म बताते हुए कहा कि इसमें पहचान और मानवीय अनुभवों को बेहद संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया है।
चार देशों के सहयोग से बनी फिल्म
‘अमन’ ब्रिटेन, अमेरिका, भारत और फ्रांस के सह-निर्माण से तैयार की गई है। फिल्म के निर्माता एले लियोन नोस्टास, अपूर्वा बख्शी, नीरज चूरी, तुषार त्यागी और आबिद अजीज मर्चेंट हैं। वहीं, डोमिनिक वेलिंस्की, निखिल आडवाणी और स्टीफन हार्माटी ने कार्यकारी निर्माता के रूप में काम किया है।
स्व-शिक्षित भारतीय फिल्म निर्माता राहुल रॉय अपनी फिल्मों में लैंगिक राजनीति, क्वियर पहचान और नारीवाद जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। उनकी पिछली लघु फिल्मों ‘मैन एंड वाइफ’ और ‘ए लल्लाबी फॉर येलो रोजेज’ को भी विभिन्न फिल्म समारोहों में पुरस्कार और सराहना मिल चुकी है।
‘अमन’ की सफलता ऐसे सिनेमा की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाती है, जो संवेदनशील मानवीय कहानियों के माध्यम से पहचान, समानता और सामाजिक धारणाओं पर संवाद को आगे बढ़ाता है।






