वाशिंगटन, 05 नवंबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को लगे झटके का प्रभाव केवल अमेरिकी घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इसका असर ऑस्ट्रेलिया के व्यापार, रक्षा सहयोग और आर्थिक परिस्थितियों पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी संसद में डेमोक्रेटिक पार्टी की मजबूत स्थिति ट्रंप प्रशासन की नीतियों को लागू करने की क्षमता पर प्रभाव डाल सकती है।
ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विशेषज्ञ वेस्ली विडमायर के अनुसार, चुनावी नतीजों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति की नीतियों पर संसदीय निगरानी बढ़ने की संभावना है। इससे अमेरिका के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ संबंधों और नीतिगत फैसलों पर भी असर पड़ सकता है।
ऑस्ट्रेलिया के लिए यह स्थिति विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिका के साथ उसके व्यापारिक और रक्षा संबंध काफी अहम हैं। अमेरिकी संसद में राजनीतिक संतुलन बदलने से व्यापार समझौतों, शुल्क नीतियों और रक्षा सहयोग से जुड़े फैसलों की दिशा प्रभावित हो सकती है।
ऑस्ट्रेलिया के कोषाध्यक्ष जिम चाल्मर्स ने भी अमेरिकी चुनावों के संभावित आर्थिक प्रभावों पर चिंता जताई है। उनके अनुसार, अमेरिका की व्यापारिक शुल्क नीतियों, महंगाई और ऊर्जा की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की राजनीतिक और आर्थिक नीतियों में होने वाले बदलावों पर ऑस्ट्रेलिया की नजर बनी रहेगी। ऐसे में वाशिंगटन में सत्ता का बदलता समीकरण केवल अमेरिका के लिए ही नहीं, बल्कि कैनबरा के आर्थिक और रणनीतिक हितों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।






