वाशिंगटन/ओटावा, 05 नवंबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): अमेरिका में मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत के बाद केनैडा और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में सुधार की उम्मीद बढ़ गई है। डेमोक्रेटिक नेताओं ने संकेत दिए हैं कि कांग्रेस का नियंत्रण मिलने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कनाडा सहित मित्र देशों पर लगाए गए आयात शुल्क (टैरिफ) को हटाने के लिए पहल की जाएगी।
मैरीलैंड से डेमोक्रेटिक सांसद और हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के वरिष्ठ सदस्य जेमी रास्किन ने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस में जिम्मेदारी संभालने के बाद टैरिफ के मुद्दे को प्राथमिकता देगी। एक समाचार चैनल से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि केनैडा के साथ स्वतंत्र और निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देना डेमोक्रेटिक पार्टी के एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जनवरी में नई कांग्रेस के कार्यभार संभालने के बाद शुरुआती 100 दिनों के भीतर इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
रास्किन के मुताबिक अमेरिकी संविधान के तहत करों और टैरिफ से जुड़े फैसले लेने का अधिकार कांग्रेस के पास है। ऐसे में डेमोक्रेटिक पार्टी इस संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करके ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीति में बदलाव लाने का प्रयास करेगी।
केनैडा की रणनीति में फिलहाल बदलाव नहीं
दूसरी ओर, केनैडा के व्यापार मंत्री डोमिनिक लेब्लांक ने अमेरिकी चुनाव परिणामों को लेकर सतर्क रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजों से कनाडा की मौजूदा व्यापार रणनीति में तत्काल कोई बदलाव नहीं होगा। उनका कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी कैबिनेट अभी भी सत्ता में हैं, इसलिए कनाडा अमेरिकी प्रशासन के साथ ही व्यापारिक मुद्दों पर बातचीत जारी रखेगा।
केनैडा की प्रमुख मांगों में ऑटोमोबाइल, स्टील, एल्युमीनियम और सॉफ्टवुड लकड़ी पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ में कटौती शामिल है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी हाल ही में संकेत दिया था कि अमेरिका ने कनाडा की कुछ महत्वपूर्ण मांगों पर अपना रुख नरम किया है, लेकिन अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए कई विवादित मुद्दों का समाधान अभी बाकी है।
ट्रंप के वीटो अधिकार से चुनौती बरकरार
डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बावजूद टैरिफ हटाने की प्रक्रिया आसान नहीं मानी जा रही। अमेरिकी राष्ट्रपति के पास कांग्रेस से पारित विधेयकों को वीटो करने का अधिकार है। इसलिए यदि डेमोक्रेटिक सांसद टैरिफ समाप्त करने संबंधी कानून पारित भी करवा लेते हैं, तो ट्रंप के रुख के कारण मामला उलझ सकता है।
वर्मोंट के सीनेटर पीटर वेल्च ने भी कनाडा पर लगाए गए टैरिफ हटाने के लिए कानून बनाने का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रपति इस विधेयक पर हस्ताक्षर करते हैं तो अमेरिका को भी इसका आर्थिक फायदा मिल सकता है। वहीं, यदि ट्रंप इसे वीटो करते हैं तो व्यापारिक विवाद पर उनकी वास्तविक नीति सामने आ जाएगी।
केनैडा में भी राजनीतिक दलों ने उठाई आवाज
केनैडा में अमेरिका के पूर्व राजदूत डेविड कोहेन का मानना है कि केवल कांग्रेस में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत से अमेरिकी व्यापार नीति में बदलाव सुनिश्चित नहीं हो सकता। इसके लिए व्हाइट हाउस का सहयोग भी आवश्यक होगा।
केनैडा के कंजर्वेटिव नेता पियरे पोइलिव्रे ने प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से अपील की है कि वे अमेरिकी चुनाव परिणामों को अवसर के रूप में इस्तेमाल करते हुए सभी टैरिफ हटाने के लिए दबाव बनाएं। वहीं, न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के नेता एवी लुईस ने आगाह किया कि डेमोक्रेटिक पार्टी के सभी नेता टैरिफ के विरोध में नहीं हैं।
फिलहाल अमेरिकी चुनाव परिणामों ने केनैडा के लिए व्यापारिक राहत की नई संभावनाएं जरूर खोली हैं। हालांकि, वास्तविक बदलाव इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिकी कांग्रेस, राष्ट्रपति ट्रंप और कनाडा सरकार के बीच आने वाले समय में किस तरह सहमति बनती है।






