कुरुक्षेत्र, 22 अक्टूबर, 2026 (संजीव शर्मा): नगराधीश आशीष कुमार ने कहा कि उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा के दिशा-निर्देशन में जनगणना-2027 के दूसरे चरण के संचालन को व्यवस्थित, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से संबंधित अधिकारियों, क्लर्कों और तकनीकी सहायकों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जनगणना कार्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए अभिलेखों के उचित रखरखाव, तकनीकी सहायता और विभागीय समन्वय पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए गए।
नगराधीश आशीष कुमार वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में जनगणना-2027 के दूसरे चरण को लेकर आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर के दौरान संबोधित कर रहे थे। सीटीएम ने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को त्रुटिरहित बनाना तथा इसमें शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारियों एवं कार्य प्रणाली के प्रति स्पष्ट जानकारी देना है। जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में सटीक आंकड़ों का संकलन, रिकॉर्ड का व्यवस्थित रखरखाव और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना बेहद आवश्यक है। इसके लिए सभी संबंधित कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल और समयबद्ध कार्यप्रणाली सुनिश्चित करनी होगी।
जिला जनगणना कोऑर्डिनेटर मंजू जांगड़ा ने कहा कि जनगणना-2027 के दूसरे चरण को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। प्रत्येक स्तर पर कार्य करने वाले कार्मिकों को अपनी भूमिका और दायित्वों की स्पष्ट समझ होनी चाहिए, ताकि पूरी प्रक्रिया एकरूपता के साथ आगे बढ़ सके। उन्होंने अभिलेखों के रखरखाव, विभागीय समन्वय और तकनीकी सहयोग को जनगणना कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना-2027 के दूसरे चरण के लिए आवश्यक जानकारी एवं कार्य संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इसका उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को अधिक सुचारु बनाना, कार्यों में एकरूपता लाना और आंकड़ों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है।
मास्टर ट्रेनर निधि भाटिया ने प्रशिक्षण के दौरान जनगणना से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशों के अनुरूप कार्य करने, उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का उचित उपयोग करने तथा अभिलेखों में सटीकता बनाए रखने के महत्व से अवगत कराया। मंडल इंचार्ज चंचल ने जनगणना कार्य में विभिन्न स्तरों पर कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। सभी कार्मिक निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें, ताकि कार्य में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी या त्रुटि की संभावना न रहे।






