ओटावा, 24 अक्टूबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): केनैडा के पश्चिमी प्रांत अल्बर्टा में अलग देश बनने के मुद्दे पर हुए जनमत संग्रह में 75 प्रतिशत से अधिक नागरिकों ने केनैडा के साथ बने रहने के पक्ष में मतदान किया। इस नतीजे के बाद केनैडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने देश में प्रवासियों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने का ऐलान किया है। अल्बर्टा की प्रीमियर डेनियल स्मिथ ने स्पष्ट किया कि उनके पद पर रहते हुए प्रांत की स्वतंत्रता को लेकर दोबारा जनमत संग्रह नहीं कराया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौजूदा कनाडाई सरकार पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की तरह अल्बर्टा के प्राकृतिक संसाधनों को निशाना नहीं बनाएगी।
जनमत संग्रह में आव्रजन से जुड़े पांच सवालों पर भी मतदाताओं ने अल्बर्टा सरकार के रुख का समर्थन किया। मतदाताओं ने मांग की कि प्रांत में स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अन्य सामाजिक योजनाओं का लाभ लेने के लिए कम से कम 12 महीने तक वहां निवास करना अनिवार्य किया जाए। वहीं, देश में प्रवासियों की बढ़ती संख्या के कारण सार्वजनिक स्तर पर बढ़ते विरोध के बीच केनैडा सरकार अस्थायी निवासियों, अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों और विदेशी कामगारों की संख्या में और कटौती करने की तैयारी कर रही है। सरकार का यह कदम आव्रजन व्यवस्था को नियंत्रित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।






