रॉटरडैम, 26 अक्टूबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): भारत ने वर्ष 2047 तक अपनी बंदरगाहों की क्षमता में बड़े स्तर पर वृद्धि करने की योजना पर जोर दिया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि देश की भविष्य की आर्थिक जरूरतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के बढ़ते स्तर को देखते हुए बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे का विस्तार करना आवश्यक है।
नीदरलैंड के दौरे के दौरान रॉटरडैम बंदरगाह के अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए गोयल ने बताया कि भारतीय सीमा शुल्क अधिकारी और रॉटरडैम बंदरगाह प्रशासन बंदरगाहों से जुड़ी प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने की संभावनाओं पर मिलकर काम कर रहे हैं। इस सहयोग का उद्देश्य माल की आवाजाही तेज करना, जहाजों के बंदरगाह पर रुकने का समय कम करना और आधुनिक अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाना है।
अगले दो दशकों में क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य
मंत्री ने कहा कि भारत ने पिछले दशक में अपनी बंदरगाह क्षमता दोगुनी की है, लेकिन दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए और विस्तार की जरूरत होगी। उनके अनुसार, वर्ष 2047 तक देश की आर्थिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए आने वाले दो दशकों में बंदरगाह क्षमता को दो बार दोगुना करने की योजना पर ध्यान दिया जा रहा है।
गोयल ने रॉटरडैम बंदरगाह का दौरा किया और इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी बॉडवाइन सीमन्स के साथ मुलाकात कर व्यापार, लॉजिस्टिक्स और बंदरगाह प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते से नए अवसरों की उम्मीद
गोयल ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों के कारोबारियों और निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।
यूरोप के सबसे बड़े बंदरगाह के रूप में पहचाना जाने वाला रॉटरडैम बंदरगाह भारतीय वस्तुओं को यूरोपीय बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी आधुनिक लॉजिस्टिक्स प्रणाली और यूरोप के विभिन्न बाजारों से संपर्क भारत-यूरोप व्यापार को और मजबूत करने में सहायक हो सकते हैं।
भारतीय युवाओं से स्टार्टअप क्षेत्र में योगदान देने की अपील
एम्स्टर्डम में भारतीय समुदाय के सदस्यों से बातचीत करते हुए गोयल ने पेशेवरों, शिक्षाविदों और अन्य विशेषज्ञों से भारतीय संस्थानों के साथ सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अनुभव साझा करने, मार्गदर्शन और ज्ञान के आदान-प्रदान के माध्यम से देश के स्टार्टअप क्षेत्र को और मजबूत बनाया जा सकता है।
मंत्री ने युवाओं में समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने समाज और उस देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए, जहां वे रहते और काम करते हैं।






