वाशिंगटन/ब्रासीलिया, 27 अक्टूबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की दोबारा जीत के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। ट्रंप ने सोमवार को आरोप लगाया कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है, लेकिन अपने दावों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। उनके बयान से ब्राजील की राजनीति और अमेरिका-ब्राजील संबंधों को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
ट्रंप ने मिसीसिपी में एक रैली के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चुनाव के नतीजे ऐसे होने चाहिए जिन पर किसी तरह का संदेह न हो। उन्होंने ब्राजील में मतगणना के तरीके पर सवाल उठाते हुए चुनाव को धांधली वाला बताया। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कथित गड़बड़ी किस मतदान केंद्र पर हुई या मतगणना में किस तरह की अनियमितता हुई।
लूला ने 51.79 प्रतिशत वोट हासिल कर दर्ज की जीत
ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण में 25 अक्टूबर को मतदान हुआ था। देश के निर्वाचन न्यायालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, लूला दा सिल्वा को 6 करोड़ 42 लाख 56 हजार 232 वोट मिले, जो वैध मतों का 51.79 प्रतिशत है। वहीं, उनके प्रतिद्वंद्वी और सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो को 5 करोड़ 98 लाख 26 हजार 41 वोट मिले। उन्हें 48.21 प्रतिशत वैध मत प्राप्त हुए।
इस तरह लूला ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 44 लाख से अधिक वोटों के अंतर से हराया। यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पहले चरण में फ्लेवियो बोल्सोनारो ने लूला से अधिक वोट हासिल किए थे। दूसरे चरण में लूला ने मुकाबले में वापसी करते हुए राष्ट्रपति पद पर अपनी जीत सुनिश्चित की।
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, दूसरे चरण में 12.8 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने मतदान किया। देश में कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या लगभग 15.87 करोड़ थी।
फ्लेवियो बोल्सोनारो ने चुनाव परिणाम को चुनौती देने की बात कही
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद फ्लेवियो बोल्सोनारो ने मतगणना और मतदान की अवधि बढ़ाए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मतदान के समय में विस्तार से अव्यवस्था पैदा हुई और वह चुनाव परिणाम रद्द कराने के लिए अदालत का रुख करेंगे।
रिपोर्टों के मुताबिक, परिवहन संबंधी परेशानियों और खराब मौसम के कारण कुछ मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश क्रिस्टियानो ज़ैनिन के आदेश से कुछ मतदान केंद्रों पर मतदान का समय दो घंटे बढ़ाया गया था।
हालांकि, चुनावी आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, बढ़ाए गए समय के दौरान 35 हजार से कम वोट डाले गए, जो कुल मतों का लगभग 0.03 प्रतिशत है। ऐसे में केवल मतदान अवधि बढ़ाए जाने के आधार पर चुनाव परिणाम बदलने का दावा आंकड़ों से पुष्ट नहीं होता।
चुनाव परिणाम को चुनौती देने की घोषणा के बावजूद, फ्लेवियो बोल्सोनारो की लिबरल पार्टी ने बाद में लूला की जीत को औपचारिक रूप से स्वीकार किया और चुनाव से जुड़ी चिंताओं को स्पष्ट करने की मांग की।
लूला का चौथा राष्ट्रपति कार्यकाल 5 जनवरी से शुरू होगा
लूला दा सिल्वा का चौथा राष्ट्रपति कार्यकाल 5 जनवरी 2027 से शुरू होगा। वह इससे पहले 2003 से 2010 तक लगातार दो कार्यकाल और 2023 से राष्ट्रपति पद संभाल रहे हैं। इस बार दोबारा निर्वाचित होकर उन्होंने ब्राजील के इतिहास में चौथा राष्ट्रपति कार्यकाल हासिल किया है।
लूला की जीत ऐसे समय में हुई है, जब ब्राजील की राजनीति में वामपंथी और दक्षिणपंथी विचारधाराओं के बीच गहरा विभाजन बना हुआ है। चुनाव अभियान में महंगाई, भ्रष्टाचार, सार्वजनिक सुरक्षा और आर्थिक नीतियां प्रमुख मुद्दे रहे।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस चुनाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लूला की सरकार पर्यावरण संरक्षण, अमेजन वर्षावन और ब्राजील की स्वतंत्र विदेश नीति पर जोर देती रही है, जबकि ट्रंप प्रशासन की कई नीतियों से उसका रुख अलग रहा है।
ट्रंप के आरोपों के बावजूद, ब्राजील के निर्वाचन न्यायालय ने आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर लूला की जीत की घोषणा की है। फिलहाल चुनाव में धांधली के संबंध में ट्रंप की ओर से कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया गया है।






