कुरुक्षेत्र, 28 अक्टूबर 2026 (संजीव शर्मा): कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कुरुक्षेत्र के उपनिदेशक डा. गिरीश नागपाल ने कहा कि विभाग द्वारा खेत बचाओ अभियान के तहत जिले के किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य धान की पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाना तथा किसानों को फसल अवशेषों के वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन के लिए प्रेरित करना है।
डीडीए डा. गिरीश नागपाल ने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत जिले के सभी खंडों में जागरूकता शिविरों एवं किसान गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को पराली प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। किसानों को बताया जा रहा है कि पराली को खेत में ही प्रबंधित करने के लिए सुपर सीडर, हैप्पी सीडर एवं अन्य उपयुक्त कृषि यंत्रों का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा, बेलर के माध्यम से पराली की गांठें बनाकर खेत से बाहर ले जाना भी फसल अवशेष प्रबंधन का एक प्रभावी विकल्प है। पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, मिट्टी के लाभकारी सूक्ष्मजीव प्रभावित होते हैं तथा मृदा की उर्वरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके विपरीत, फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन मिट्टी में जैविक पदार्थ बढ़ाने, नमी संरक्षण तथा पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने में सहायक है।
उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे खेत बचाओ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं और पराली को आग लगाने के बजाय उसका उचित प्रबंधन करें। कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे गांवों में किसानों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखें, जागरूकता गतिविधियां आयोजित करें तथा फसल अवशेष प्रबंधन की वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करें। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया कि पराली का उचित प्रबंधन किसानों, मिट्टी और पर्यावरण तीनों के हित में है। अत: सभी किसान पराली न जलाने का संकल्प लें और स्वच्छ पर्यावरण एवं टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने में सहयोग करें।






