Wednesday, November 4, 2026
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पराली प्रबंधन, खादों के संतुलित उपयोग और फसल विविधीकरण के लिए किसानों को किया प्रेरित

पी.ए.यू.-के.वी.के., संगरूर ने ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत लगाया किसान जागरूकता शिविर

सुनाम, 29 अक्टूबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) और आईसीएआर-अटारी जोन-1, लुधियाना के मार्गदर्शन में पीएयू-कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), संगरूर की ओर से गांव छाजली, ब्लॉक सुनाम में किसान जागरूकता शिविर लगाया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों को धान की पराली जलाने के बजाय उसे खेत में ही मिलाने और रासायनिक खादों का संतुलित उपयोग करने के प्रति जागरूक करना था।

शिविर के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र, संगरूर के इंचार्ज डॉ. मनदीप सिंह ने किसानों को गेहूं, जौ, सरसों और चने की उन्नत किस्मों तथा बुवाई की बेहतर तकनीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने मिट्टी की सेहत बनाए रखने के लिए रासायनिक खादों का सीमित उपयोग करने तथा देसी गोबर की खाद और जैव उर्वरकों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने धान की पराली को खेत में ही संभालने और गेहूं की बुवाई के लिए पराली प्रबंधन मशीनों के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी। साथ ही, किसानों को सहायक कृषि व्यवसाय अपनाने तथा फसल विविधीकरण के लिए तिलहनी और दलहनी फसलें उगाने के लिए प्रेरित किया।

केवीके, संगरूर की एसोसिएट प्रोफेसर (बागवानी) डॉ. रविंदर कौर ने सर्दियों में उगाई जाने वाली सब्जियों की उन्नत किस्मों और उनकी बुवाई के तरीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने परिवार की पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसानों को घरों में सब्जियां उगाने तथा फलदार पौधों की बगीची लगाने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को गेहूं के विभिन्न बीजों और कृषि विभाग द्वारा दी जा रही सब्सिडी के बारे में जानकारी दी। अंत में विशेषज्ञों ने पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों से कृषि विज्ञान केंद्र तथा सरकार के प्रयासों में सहयोग करने की अपील की।

शिविर के समापन पर किसानों को कृषि साहित्य और गेहूं के बीज उपचार के लिए जैव उर्वरक के टीकों के प्रदर्शन किट वितरित किए गए।

इस शिविर को सफल बनाने में सरदार गुरलाल सिंह और उनके परिवार के सदस्यों ने सराहनीय योगदान दिया।

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