सुनाम,1 नवंबर, 2026 (छत्रपाल सिंह): पंजाब के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि पार्टी द्वारा 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी किए जाने से विरोधियों की ओर से पार्टी में फूट और विधायकों के पार्टी छोड़ने को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें बेबुनियाद साबित हुई हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता पूरी तरह एकजुट हैं और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए जनसेवा में जुटे हुए हैं।
राजनीतिक मुद्दों पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अरोड़ा ने कहा कि विरोधियों की ओर से पार्टी की एकजुटता को लेकर भ्रम पैदा करने की कोशिशें की जा रही थीं, लेकिन पहली सूची की घोषणा ने इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के साझा उद्देश्य और पंजाब के लोगों के प्रति जिम्मेदारी उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं।
पहली सूची में उनके और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के नाम शामिल नहीं होने के सवाल पर अरोड़ा ने बताया कि पार्टी की वरिष्ठ नेतृत्व की बैठक के दौरान उन दोनों ने स्वयं अनुरोध किया था कि उनकी उम्मीदवारी की घोषणा बाद में की जाए और पहले अन्य मेहनती साथियों के नाम घोषित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इस फैसले को लेकर किसी तरह की अटकलें लगाने का कोई आधार नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की ओर से घोषित उम्मीदवारों की हार के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए अरोड़ा ने उन्हें चुनौती दी कि वे इन 40 विधानसभा क्षेत्रों में से अपनी पसंद के किसी भी क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़कर जनता का फैसला देख लें। उन्होंने कहा कि चुनाव में अंतिम फैसला जनता को ही करना होता है।
सुनाम विधानसभा क्षेत्र छोड़ने या पार्टी बदलने की चर्चाओं को सिरे से खारिज करते हुए अरोड़ा ने कहा कि सुनाम के साथ उनका रिश्ता पारिवारिक और भावनात्मक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2000 में पिता के निधन के बाद लंबे संघर्ष और चुनावों में हार का सामना करने के बावजूद उन्होंने सुनाम के लोगों के साथ अपना नाता कभी नहीं तोड़ा। उन्होंने कहा, “सुनाम मेरा अपना परिवार है और जब तक मेरी सांसें चलेंगी, मैं इस क्षेत्र के लोगों की सेवा करता रहूंगा।”
मानसा में परविंदर सिंह झोटा की मौत को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि परिवार की मांग के अनुसार सरकार की ओर से सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है और एक उच्चस्तरीय समिति का भी गठन किया गया है। उन्होंने परिवार से अपील की कि मृतक का पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाए और अन्य मुद्दों के समाधान के लिए सरकार तथा प्रशासन के साथ बातचीत जारी रखी जाए। उन्होंने दोहराया कि नशों के खिलाफ पंजाब सरकार का अभियान पूरी सख्ती से जारी रहेगा।
केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए अरोड़ा ने आरोप लगाया कि कृषि कानूनों से लेकर भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) और पंजाब विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों तक पंजाब के हितों की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) के 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के फंड रोके जाने से भी पंजाब के अधिकारों को नुकसान पहुंचा है।
अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के हितों और उसके जायज अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। उन्होंने दोहराया कि जनसेवा, पार्टी की एकजुटता और पंजाब के अधिकारों की पैरवी उनकी प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।






