लंदन, 04 नवंबर, 2026 (गुरमीत सिंह तुंग): ब्रिटेन में पढ़ाई करने के इच्छुक भारतीय विद्यार्थियों के लिए अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। ब्रिटेन में भारतीय छात्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रमुख संस्था नेशनल इंडियन स्टूडेंट्स एंड एलुमनाई यूनियन (NISAU UK) और लंदन मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य भारतीय विद्यार्थियों को ब्रिटेन में उच्च शिक्षा प्राप्त करने से लेकर डिग्री पूरी करने और रोजगार हासिल करने तक सहयोग प्रदान करना है।
NISAU UK के अनुसार, इस समझौते पर पिछले सप्ताह हाउस ऑफ लॉर्ड्स परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत दोनों संस्थाएं भारत और ब्रिटेन के शैक्षणिक संस्थानों, रोजगारदाताओं तथा नीति-निर्माताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के लिए काम करेंगी।
क्या है इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य?
इस समझौते के तहत ‘ट्रिपल हेलिक्स मॉडल’ को बढ़ावा दिया जाएगा। इस मॉडल में तीन प्रमुख पक्षों—विश्वविद्यालयों, उद्योग जगत और नीति-निर्माताओं—को एक मंच पर लाकर शिक्षा और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यार्थियों को मिलने वाली शिक्षा केवल अकादमिक ज्ञान तक सीमित न रहे, बल्कि वह भारत और ब्रिटेन के रोजगार बाजार की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप भी हो।
लंदन मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रोफेसर जूली हॉल ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि NISAU UK के साथ साझेदारी से विद्यार्थियों को नए अनुभव प्राप्त करने, अपनी क्षमताओं को विकसित करने और भविष्य में वैश्विक स्तर पर बेहतर भूमिका निभाने के अवसर मिलेंगे।
भारतीय विद्यार्थियों को प्रवेश से लेकर करियर तक सहायता
NISAU UK की संस्थापक एवं अध्यक्ष सनम अरोड़ा ने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापारिक समझौते तथा ‘विजन 2035’ दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर साल ब्रिटेन पहुंचने वाले हजारों भारतीय विद्यार्थी इस रिश्ते को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने बताया कि यह साझेदारी भारतीय विद्यार्थियों की पूरी शैक्षणिक यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसके तहत विद्यार्थियों को ब्रिटेन में पढ़ाई के विकल्प तलाशने और विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने के शुरुआती चरण से लेकर ब्रिटेन पहुंचने, शिक्षा प्राप्त करने, छात्र कल्याण, ग्रेजुएशन और पढ़ाई के बाद रोजगार एवं करियर बनाने तक मार्गदर्शन और सहयोग दिया जाएगा।
भारत-ब्रिटेन आर्थिक संबंधों से भी जुड़ी है पहल
यह साझेदारी भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग तथा ‘विजन 2035’ के उद्देश्यों के अनुरूप भी है। इसका एक महत्वपूर्ण लक्ष्य यह है कि लंदन मेट से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए लंदन, भारत और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रोजगार एवं करियर के अवसर बढ़ाए जा सकें।
NISAU UK ने कहा कि इस समझौते के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों, उनके कल्याण और रोजगार से जुड़ी चुनौतियों पर समन्वित तरीके से काम किया जाएगा। इससे विश्वविद्यालयों और उद्योग जगत के बीच संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि NISAU की स्थापना वर्ष 2012 में हुई थी। यह संस्था ब्रिटेन में भारतीय विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा, उनकी समस्याओं को उठाने और उनके हितों को बढ़ावा देने के लिए काम करती है। नई साझेदारी को भारतीय विद्यार्थियों के लिए ब्रिटेन में उच्च शिक्षा और भविष्य के रोजगार अवसरों के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।






